संविदा पर्यवेक्षक एवं नियमित पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन | New India Times

पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (मप्र), NIT:

संविदा पर्यवेक्षक एवं नियमित पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन | New India Times

संविदा पर्यवेक्षक एवं नियमित पर्यवेक्षक, आगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं द्वारा मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार दिनेश उईके को ज्ञापन दिया गया जिसमें पर्यवेक्षकों की व्यापम परीक्षा 28 फरवरी 2025 को जो आयोजित की गई है, उसमें संविदा पर्यवेक्षकों को अनुभव के बीस अंक प्रदान किए जा रहे हैं किंतु 50% आरक्षण से उन्हें वंचित रखा जा रहा है। विभाग द्वारा 628 पद के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया है जिसमें से सीधी भर्ती के 297 पद हैं और संविदा पर्यवेक्षकों की संख्या 400 है यदि 297 पदों पर सिर्फ संविदा पर्यवेक्षक ही सम्मिलित होती है तो 103 महिलाएं संविदा पर्यवेक्षक शेष रह जाएगी। अतः संविदा पर्यवेक्षकों से विभागीय परीक्षा ली जाए या उनका 17 वर्ष का अनुभव देखते हुए नियमित पद पर सविलियन किया जाए, अन्य विभागों से आए संविदा कर्मचारियों को 50% आरक्षण दिया जा रहा है किंतु संविदा पर्यवेक्षकों को 50% आरक्षण नहीं दिया जा रहा है जो अंक 20 अंक उन्हें अनुभव के मिल रहे हैं उसकी सेवा महिला एवं बाल विकास विभाग को 17 वर्षों से दे रही है और विभागीय योजनाओं को धरातल पर पहुंच रही है 20 अंक उनका अधिकार है वैसे ही 50% आरक्षण भी उनका अधिकार है क्योंकि उन्होंने अपना पूरा जीवन महिला एवं बाल विकास विभाग में सेवा करते हुए बिता दिया अब सेवानिवृत होने के बाद उन्हें कोई राशि नहीं दी जा रही है और कोई पेंशन का प्रावधान नहीं है संविदा पर्यवेक्षक अगर यह परीक्षा देती भी है तो वर्तमान में उन्हें 33 000 वेतन प्राप्त हो रहा है लेकिन परीक्षा पास करने के बाद उन्हें 25000 वेतन मिलेगा जिससे उनको आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा और सीनियरिटी भी खत्म हो जाएगी अतः हमारी मांगों का निराकरण शीघ्र किया जाए पर्यवेक्षक परीक्षा के अंदर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आयु बंधन 45 वर्ष किया गया है क्योंकि उन्हें भी अपनी पढ़ाई पूर्ण करते हुए बड़ा संघर्ष करना पड़ा अतः उनकी आयु सीमा में भी छूट दी जाए कार्यकर्ता जो दो ऐप में संपर्क एप व पोषण ट्रैकर एप में एंट्री करती है दोनों एप को मर्ज कर एक कर दिया जाए एवं ऑनलाइन एंट्री को सरल किया जाए जिससे कि आंगनबाड़ी का संचालन सही ढंग से हो सके नियमित पर्यवेक्षकों को पदोन्नति दी जाए क्योंकि नियमित पर्यवेक्षकों को एक पद पर कार्य करते-करते 34 वर्ष से भी अधिक हो गए हैं लेकिन उन्हें पदोन्नति का आज तक कोई लाभ नहीं मिला नियमित पर्यवेक्षकों की वेतन विसंगति दूर की जाए एवं ग्रेड पे 2400 से 3600 की जाए ज्ञापन का वाचन मध्य प्रदेश स्थाई कर्मी कल्याण संघ प्रदेश सचिव एवं पर्यवेक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष द्वारा किया गया ज्ञापन देने में अधिकारी कर्मचारी रानी जयसवाल मध्य प्रदेश स्थाई कर्मचारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ प्रदेश अध्यक्ष एवं विद्या पांचूरे उपाध्यक्ष पर्यवेक्षक संघ उपस्थित रहे जिसकी सूचना संघ के संरक्षक बी आर चौहान द्वारा दी गई, ज्ञापन लेते वक्त तहसीलदार साहब दिनेश उईके तत्काल माननीय मुख्यमंत्री जी को मेल किया गया एवं आश्वाशन दिया गया कि आपकी मांगें पूर्ण होंगी।

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