मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

सतना जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर से
दिनांक 21.12.2024 को जितेंद्र चौरसिया नामक लोको पायलट का अपहरण कर उसे मौत के घाट उतारने वाले आरोपियों को पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाल निरीक्षक रावेंद्र द्विवेदी की पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वीरेन्द्र कुमार चौरसिया पिता स्व शंकरलाल चौरसिया उम्र 60 वर्ष निवासी किशोरगंज थाना गढी मलहरा जिला छतरपुर द्वारा यह सूचना दी गई कि उसका बेटा जीतेन्द्र चौरसिया जो कि राजेन्द्र नगर गली नंबर 10 सतना में किराए के मकान मे रहता था, अपने दोस्त धर्मेन्द्र चौरसिया निवासी गढी मलहरा के साथ घूमने का कहकर निकला था वापस नही आया उसके मोबाईल फोन भी बंद है। काफी तलाश किया किन्तु कोई पता नही चला, के गुमशुदा की सूचना पर थाना कोतवाली जिला सतना मे गुम इंसान क्रमांक 160/24 कामय कर जांच में लिया गया।
जांच के दौरान यह जानकारी लगी कि गुमशुदा का मोबाईल फोन दिनांक 21/22.12.2024 की रात रेल्वे स्टेशन कटनी मे चालू था, उक्त सूचना के आधार पर गुमशुदा जीतेन्द्र चौरसिया के परिजनों द्वारा थाना सिटी कोतवाली जिला कटनी मे भी गुम इंसान पंजीबद्ध कराया गया। सतना पुलिस एवं कटनी पुलिस द्वारा घटना गंभीर एवं संवेदनशील प्रतीत होने पर विभन्न टीमें गठित कर जांच विवेचना प्रारंभ की गई। जिसमे यह तथ्य आए कि धर्मेन्द्र चौरसिया जो कि गुमशुदा जीतेन्द्र का बचपन का मित्र था, रसिया किरगिसतान से एम.बी.बी.एस. की पढाई कर डिग्री कन्फर्मेशन के लिए एफ.एम.जी. इग्जाम दे रहा था। किसी दलाल के माध्यम से उसे यह विश्वास दिलाया गया कि 50-60 लाख मे डिग्री मिल जाएगी। तब उसने अपने साथी गुलाब सिंह यादव पिता कोमल सिंह यादव तथा पवन प्रजापित पिता रामदयाल प्रजापति उम्र 21 वर्ष व अपने चचेरे भाई नीरज चौरसिया के साथ मिलकर जीतेन्द्र चौरसिया का अपहरण कर बतौर फिरौती एक करोड रुपये मागने की योजना बनाई।
योजना मुताबिक 21.12.2024 को सतना आया, जीतेन्द्र को घूमने के लिए बुलाया, दोनों ने शराब पी फिर टहलने के लिए मामा-भांजा ढाबा गए, जीतेन्द्र को अत्यधिक शराब पिलाकर नींद वाली दवा अल्फाजोलम जबरन पिला दिया, जिससे वह अर्धमूर्छित हो गया। तभी नागौद तरफ निकले, तब गुलाव व पवन ने हांथ देकर बोलेरो क्रमांक एम पी 40जेड बी 7337 को रोका। चारों उसी मे बैठकर निकले तभी गुलाब व पवन अपने पास लिए हथियार जितेन्द्र व धर्मेन्द्र के कनपटी पर लगा दिया और बोले कि तुम लोग किडनैप हो गए हो, जैसा कहते हैं, वैसा करो और पवई पन्ना तरफ चल दिए। गुमशुदा जीतेन्द्र मूर्छित होकर बोलेरो पर ही लेटा था, तभी इन लोगों ने आपस में बात की कि जितेन्द्र के घर वालों से एक करोड रुपये मंगाने में समय लगेगा इसे दो-तीन दिन पवई के जंगल में ही रखेंगे, उक्त बातें करते सुनने पर जीतेन्द्र ने धर्मेन्द्र से बोला कि तुमने अच्छा नहीं किया, मेरे साथ धोखा किया है।
वापस सतना जाने की जिद करने लगा। तब पवई के चांदसी घाट पर जितेन्द्र को उतारकर उसके सिर पर डाक्टर धर्मेन्द्र ने गोली मार दी। शव को पहाडी से नीचे फेंका किन्तु पेड मे शव व उसके कपडे फंस गए। शव फेंकने के बाद तीनों धर्मन्द्र, गुलाव व पवन कटनी आए। भ्रमित करने के लिए मृतक का फोन चालू कर उसके फोन से काल किया व काल अटेंड किया। फिर बोलेरो से ही जबलपुर चले गए। धर्मेन्द्र ने अपने दोनो साथी गुलाब व पवन को गढी मलहरा छतरपुर भेज दिया व स्वयं कटनी आ गया। पुलिस के साथ जीतेन्द्र को ढूढने का नाटक करता रहा। पुलिस द्वारा हिकमत अमली व शख्ती से पूछताछ करने पर पूरी घटना का खुलासा धर्मेन्द्र द्वारा किया गया। जिसकी निशान देही पर मृतक का शव पवई पन्ना की घाटी से बरामद किया गया। जिसके सिर पर गोली के निशान मिले। उसी से उसकी मृत्यु होना डाक्टर द्वारा बताया गया।
विवेचना के दौरान आरोपियों से घटना मे प्रयुक्त कट्टा कारतूस बोलेरो गाडी गुमशुदा जीतेन्द्र के मोबाईल फोन आई कार्ड व अन्य शासकीय दस्तावेज बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपी धर्मेन्द्र चौरसिया उर्फ डी.के. पिता अशोक कुमार चौरसिया उम्र 35 वर्ष,गुलाब सिंह यादव पिता कोलम सिंह यादव उम्र 19 वर्ष और पवन प्रजापति/ पिता रामदयाल प्रजापति उम्र 21 वर्ष तीनों निवासी गढी मलहरा जिला छतरपुर म.प्र. को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण उपरांत तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
