अशफाक कायमखानी, ब्यूरो चीफ, जयपुर (राजस्थान), NIT:

भाजपा संगठन के चुनाव चलने के मध्य खबरे आ रही हैं कि जनवरी आखिर तक पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकती हैं। पिछले कुछ सालों से वसुंधरा राजे पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष होने के बावजूद राजनीतिक तौर पर साईड लाईन चल रही थीं लेकिन अब बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के चलते वसुंधरा राजे का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना लगभग तय बताया जा रहा है।
राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि उक्त पद पर संघ की पहली पसंद वसुंधरा राजे होने के चलते वर्तमान राजस्थान भाजपा सरकार की पहली वर्षगांठ के अवसर पर जयपुर में आयोजित रैली में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राजे को मंच पर अहमियत देने के साथ उनके नेतृत्व वाली तत्तकालीन सरकार के कामकाज की भी तारीफ करना बदलते हालात का एक साफ संकेत था। प्रधानमंत्री द्वारा राजे को दिल्ली बुलाकर उनसे मिलना और अच्छा होने का कहना। उसके बाद प्रभारी महामंत्री द्वावा उक्त मुलाक़ात पर राजे के ट्वीट को रिट्वीट करते हुये राजे को ढेर सारी बधाई देना राजनीति में उन्हें अहमियत मिलती नजर आना ही है।
प्रियंका गांधी का कांग्रेस की राजनीति में कद बढ़ने लगा है। कांग्रेस के अधिकांश फैसलों में प्रियंका गांधी की राय को अहमियत मिलती दिखाई दे रही है। अगर ऐसे समय में भाजपा की राजे का अध्यक्ष बनने के रास्ते साफ हो रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री व दो दफा मुख्यमंत्री बनने के अलावा वर्तमान में पार्टी की उपाध्यक्ष होने के कारण राजे के अनुभव व राजनीतिक समझ का फायदा पार्टी को मिल सकता है।
अगर वसुंधरा राजे पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनती हैं तो उनके प्रदेश में मौजूद समर्थकों मे नई जान आयेगी। राजे के साईड लाईन रहने के बावजूद उनके खास व पूरे समय साये की तरह साथ खड़े रहने वाले निर्दलीय विधायक यूनुस खां के दिन भी फिरने लगेंगे।
कुल मिलाकर यह है कि जनसंघ पार्टी व संघ के साथ भाजपा को समय समय पर चलाने व बढ़ाने में राजे की मां विजयराजे सिंधिया व सिंधिया परिवार का काफी हद तक सहयोग रहा है। उस सहयोग को संघ याद रखते हुये प्रधानमंत्री मोदी को संकेत दिया बताते हैं कि राजे की इच्छा के मुताबिक उन्हें अच्छे से एडजस्ट करना है। प्रधानमंत्री मोदी व वसुंधरा राजे की मुलाक़ात व उसके बाद प्रभारी महामंत्री अग्रवाल द्वारा राजे को ढेर सारी बधाई का ट्वीट करने से राजनीतिक संकेत मिलता साफ नजर आ रहा है।
