नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

पंडित नेहरू को नीचा दिखाने के चक्कर में गृह मंत्री अमित शाह ने शीत सत्र के दौरान राज्यसभा में भारत के संविधान निर्माता डॉ बाबा भीमराव अंबेडकर की अवहेलना कर दी। शाह ने कहा कि “अभी एक फैशन हो गया है… आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर.. इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सातों जन्म तक स्वर्ग मिल जाता ” शाह के इस बयान के बाद पूरे देश भर में संविधान प्रेमी नागरिकों का असंतोष फूट पड़ा। संसद से लेकर महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष ने और सड़क पर आम जनता ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जलगांव जिले में ताबड़तोड़ तरीके से निषेध आंदोलन किए गए। महाराष्ट्र के परभणी में हुए संविधान प्रतिकृति अवमानना मामले में निषेध आंदोलन करने वाले लॉ के छात्र सोमनाथ सूर्यवंशी की पुलिस सुरक्षा में हुई अकाल मौत के प्रकरण को शाह के आंबेडकर विरोधी बयान ने मजबूती से उभरने का मौका दे दिया।

बहुजन विचारक किशोर तायडे ने कहा कि अतीत में कांग्रेस ने बाबा साहब का अपमान किया तो क्या बीजेपी को अब यह लाइसेंस मिल गया है कि वे भी बाबा साहब का अपमान करेगी। शाह के बयान से बीजेपी की नफ़रती विचारधारा साफ़ होती है। लोकसभा चुनाव में 400 सीटों के लक्ष्य से चूंकि बीजेपी की हालत खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसी हो चुकी है। अमित शाह संवैधानिक पद पर बैठे हैं उन्हें अपने बयान के लिए देश की जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए। परभणी में शाहिद आन्दोलक सोमनाथ की कथित मौत के केस की कोर्ट की निगरानी में जांच की जाए। विदित हो कि गांधी-नेहरू परिवार की आलोचना के लिए इतिहास को तोड़ मरोड़कर उस से निकाले झूठ का सहारा लेने वाली बीजेपी के पास अपना एक भी नैशनल हीरो नही है। वंचित बहुजन आघाड़ी जामनेर इकाई की ओर से राहुल इंगले, चंद्रकांत इंगले, सचिन सुरवाडे , सुधाकर सपकाले, ज्ञानेश्वर जोहरे, एड राजेश मोगरे, संगम तायडे, RPI रामदास आठवले से भगवान सोनावने ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपे।
लोकशाही दिवस का आयोजन: कार्मिक मंत्रालय और राज्य सरकार जिला प्रशासन की ओर से Good Governance Scheme तहत 19 से 24 दिसंबर के बीच “प्रशासन गांव की ओर” मुहिम अंतर्गत लोकशाही दिवस आयोजित किया गया। जिला राशन आपूर्ति अधिकारी संजय गायकवाड़, नाना साहब आगले ने जनता से शिकायतें स्वीकार करी।
