अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ, धुले (महाराष्ट्र), NIT:

देवपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और चोरी का सारा माल बरामद कर लिया है।
क्या था मामला?
8 दिसंबर, 2024 की रात को प्रभातनगर इलाके में रहने वाले राम मनोज निकम के घर में चोरी हो गई थी। अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर घर में घुसकर करीब 1,20,000 रुपये के सोने, चांदी के जेवरात और पीतल के बर्तन चुरा लिए थे। इस मामले में देवपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने कैसे किया खुलासा?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की जिसमें दो युवक घर के पास खड़े नजर आए। इनमें से एक युवक का मुंह काले और सफेद रंग की मफलर से ढका हुआ था। पुलिस को शक हुआ कि कुत्ते पालने वाला एक संदिग्ध अपराधी हर्षल उर्फ सनी चौधरी इस मामले में शामिल हो सकता है।
पुलिस ने घटनास्थल पर डॉग स्क्वाड को बुलाया और कुत्ते को आरोपियों द्वारा छुए गए सामानों का सूंघाया। कुत्ता आरोपी हर्षल उर्फ सनी चौधरी के घर तक गया। पुलिस ने हर्षल को गिरफ्तार किया और उसके पास से काले और सफेद रंग की मफलर बरामद की। पूछताछ में हर्षल ने अपने दोस्त जयवंत बापू पाटील के साथ मिलकर चोरी करने की बात कबूली। पुलिस ने दोनों आरोपियों के घर से चोरी का सारा माल बरामद कर लिया।
कौन-कौन शामिल था इस कार्रवाई में?
इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे, अपर पुलिस अधीक्षक किशोर काळे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी राजकुमार उपासे के मार्गदर्शन में देवपुर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक धनंजय पाटील और उनकी टीम के एपीआई दिपक पावरा, पीएसआई साईनाथ तळेकर, मसलुद्दीन शेख, भटेंद्र पाटील, सौरभ कुटे, गुंजाळ, वसंत कोकणी,प्रविण पाटील, नितीन चव्हाण, कैलास पाटील, राजेंद्र हिवरकर, रजनी नाईक, मोहिनी माळी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।वहीं डॉग स्क्वाड के हेड कांस्टेबल रोकडे और पाटील ने भी इस मामले को सुलझाने में अहम योगदान दिया।
क्या है इस मामले की खास बात?
इस मामले में पुलिस ने पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ-साथ डॉग स्क्वाड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की मदद ली। इस तरह पुलिस ने कम समय में ही इस मामले का खुलासा कर दिया। यह मामला देवपुर पुलिस की तत्परता और कुशलता का एक उदाहरण है।
