अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ, धुले (महाराष्ट्र), NIT:

देशभर में धार्मिक स्थलों को लेकर बढ़ते विवादों और हिंसा की घटनाओं के विरोध में, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने धुले में एक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा और अजमेर शरीफ दरगाह पर उठ रहे सवालों पर गहरी चिंता जताई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संभल जिले की एक मस्जिद को मंदिर बताकर विवाद खड़ा किया जा रहा है और अदालत के आदेश पर मस्जिद का सर्वेक्षण करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अजमेर शरीफ दरगाह को भी हिंदू मंदिर बताने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इन सभी घटनाओं से 1991 के प्रार्थना स्थल अधिनियम का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत किसी भी धार्मिक स्थल की स्थिति को बदलना गैरकानूनी है।
एआईएमआईएम ने राष्ट्रपति से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को उनके संवैधानिक कर्तव्य याद दिलाएं और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाएं। उन्होंने संभल में हुई हिंसा की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की।
प्रदर्शन में नासिर पठान, दीपाश्री नाइक, डाॅ. शराफत अली, रफीक शाह, निज़ाम सैयद, अमीर पठान, नज़र पठान, इदरीस शेख, सऊद सरदार, जाबो अख्तर, मुस्ताक शाह, समीर खान, अब्दुल कादिर, जुबैर शाह सहित अन्य शामिल हुए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को चेतावनी दी है कि अगर इस तरह की घटनाएं जारी रही तो वे सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
