अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल सायबर क्राईम ब्रांच ने एक ऐसे एय़रटेल कम्पनी के पीओएस एजेंट को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है जो हाउस अरेस्ट कर ठगी करने वाले शातिर गिरोह को सिमकार्ड उपलब्ध कराता था। बताया जा रहा है कि लगभग 150 सिमें सायबर अपराधियों को दे चुका है।
मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 27.11.2024 फरियादी प्रमोद कुमार पिता श्री ओमप्रकाश उम्र 38 साल नि. म.न.10 गायत्री नगर करारिया थाना बजरिया भोपाल जो कि वोडा-आईडिया में फील्ड इंजीनियर है, का शिकायत आवेदन पत्र अग्रिम वैधानिक कार्यवाही हेतु प्राप्त हुआ कि दिनांक 12/11/24 शाम को आवेदक के पास एक अज्ञात मो.न. से कॉल आया जिसने अपना नाम राहुल कुमार बताया और बोलने लगा की में टेलीकॉम रेगुलर ऑथॉरिटी से बात कर रहा हूं।
आपके आधार कार्ड से एक सिमकार्ड मुंबई में लिया गया है। जिसका उपयोग गैर कानूनी कार्य में किया जा रहा है, फिर कुछ देर बाद मेरे पास एक अज्ञात व्हाट्सएप मो.न. से कॉल आया और बोलने लगा कि में मुंबई क्राईम ब्रांच से बात कर रहा हूं। आपके आधार कार्ड से जो मोबाईल नम्बर लिया गया है उस से गैर कानूनी कार्य किया जा रहा है फिर उन लोगो ने मुझे डराने के लिए एक अज्ञात व्हाट्सएप मो.न. से सीबीआई के नाम से तीन फर्जी पत्र भेजे । जिन्हें देख कर तथा इससे बचने के लिये 3,50,000/-रू जमा कराने का बोला और पैसा जमा न करने की स्थिति में मेरे विरूद्ध सीबीआई के माध्यम से कार्यवाही करने के लिए बोला।
फिर थोड़ी देर बाद व्हाट्सएप कॉल पर एक आदमी सामने पुलिस की वर्दी में आया और अपने आपको सीबीआई का अधिकारी बताते हुए कहने लगा की अगर तुमने अभी 3,50,000/-रू जमा नहीं किए तो तुम्हारे विरूद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर देगें और भोपाल आकर गिरफ्तारी करेंगे। घटना की सूचना मिलने पर डिजिटल अरेस्ट की संवेदनशीलता देखते हुये अति.पुलिस उपायुक्त (Add. DCP) श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान एवं सहायक पुलिस आयुक्त श्री मुख्तार कुरैशी के द्वारा घटना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित को सांत्वना व समझाइश देकर डिजिटल अरेस्ट से मुक्त कराया गया।
पीड़ित परिवार बहुत ही घबराया हुआ था, यदि तुरन्त पुलिस समय पर नही पहुंचती तो पीड़ित के साथ बड़ा फ्राड हो सकता था। आवेदन जांच पर आए तथ्यों एवं प्राप्त तकनीकि जानकारी के आधार पर थाना क्राईम ब्रांच में अपराध क्र. 181/2024 धारा 319(2), ,308(2),336(2),336(3),340(2),61(2) BNS, 66(C), 66(D) IT ACT का कायम कर विवेचना में लिया गया। जिसको गंभीरता से लेते हुये वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में त्वरित कार्यवाही प्रारंभ की गई।
सायबर क्राईम जिला भोपाल की टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही कर कानपुर, महौबा रवाना होकर 07 दिवस तक निरंतर मेहनत की गई एवं प्राप्त साक्ष्यों व तकनीकी एनालिसिस के आधार पर अपराध करने में उपयोग किये गये कॉलिंग मोबाइल नंबर के धारक विकास साहू पिता जगदेव साहू निवासी भाटीपुरा महौबा से पूछताछ की गई। जिसके द्वारा बताया गया कि पीओएस एजेंट धीरेन्द्र कुमार विश्वकर्मा द्वारा फ्री सिम देने का कहकर आधार कार्ड व फेस को अपने मोबाईल से स्कैन किया और कहा कि आपकी सिम एक्टिवेट नहीं हो पा रही है आप फिंगर प्रिंट या फेस अपने आधारकार्ड में अपडेट करा लें। फिर दोबारा अँगूठा (बायोमेट्रिक) मशीन में लगवाकर सिम को एक्टिवेट कर मुझे दे दिया था।
अतः मो.न. धारक विकास साहू के माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर कथन लेख करवाये गये जिसने स्वंय के साथ फ्राड हो जाने पुष्टि माननीय न्यायालय के समक्ष की। पीओएस एजेंट की तलाश करते हुये फर्जी तरीके से सिम एक्टिवेट कर करने वाले पीओएस एजेंट धीरेन्द्र कुमार विश्वकर्मा पिता रामशरण विश्वकर्मा, उम्र -30 वर्ष, निवासी- वीरभूमि डिग्री कॉलेज के पास, भाटीपुरा, मबोहा, उ.प्र तकनीकि जानकारी प्राप्त की गई एवं प्राप्त जानकारी का मैदानी स्तर पर टीम के सदस्यों द्वारा प्रयास कर महोबा उ.प्र. से गिरफ्तार किया गया एवं अपराध में प्रयुक्त 01 मोबाइल फोन, 03 सिम कार्ड, जप्त किये गये है।
पुलिस टीम:- निरी. सुनील मेहर ,उनि अंकित नायक ,प्र.आर. आदित्य साहू, आर. यतिन चौरे , आर. प्रशांत शर्मा, आर मोहित शर्मा , आर .अभिषेक चौधरी, आर. नीलेश साहू, आर. सूरज पारा, आर. शिवम् निलोसे, आर. उदित दन्डोतिया, थाना क्राईम ब्रांच भोपाल।
नाम आरोपीगण:-
क्रं. नाम आरोपी शिक्षा अपराध में भूमिका
1 धीरेन्द्र कुमार विश्वकर्मा पिता रामशरण विश्वकर्मा, उम्र -29 वर्ष, निवासी- वीरभूमि डिग्री कॉलेज के पास, भाटीपुरा, जिला – महोबा, उ.प्र. बी.ए ठगी करने वाले गिरोह सिम उप्लब्ध कराना।
2. दुर्गेश सिंह पिता प्रहलाद सिंह उम्र -21 साल निवासी- ग्राम समाज नगर पोस्ट दहेली घाटमपुर कानपुर उ.प्र. —- (फरार आरोपी)
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सिम खरीदते समय ध्यान देने योग्य बातें-
आपके द्वारा बायोमेट्रिक मशीन पर एक बार ही फिंगरप्रिंट लगाये यदि एक से ज्यादा बार फिंगरप्रिटं लगाने को कहा जाये तो जांच ले कि आपके नाम पर एक से अधिक सिम इश्यु तो नहीं की गई है।
यदि आपके द्वारा आधारकार्ड या अन्य दस्तावेज का फोटोकापी दी जाती है तो उस पर (केवल सिम खरीदने के लिये) लिखकर साईन करें। इससे आपके डॉक्यूमेंट का कभी भी मिसयूज नहीं हो पाएगा
TAFCOP- आप इस पोर्टल पर जाकर पता कर सकते हैं कि आपके नाम पर कितनी सिम रजिस्टर्ड है , यदि सिम आपके नाम पर नहीं है तो उसे रिपोर्ट पर भी कर सकते हैं।
CEIR– मोबाईल फोन खोने/चोरी होने की स्थिति मे तुरंत www.ceir.gov.in पर रिपोर्ट करें।
CHAKSHU– यदि आपको धोखाधड़ी वाले काल/ मैसेज प्राप्त होते है तो चक्षु पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करें।
NCCRP- किसी भी प्रकार की सायबर धोखाधडी होने पर तुरंत आनलाईन पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवायें।
SACHET- बैंक ,बीमा कंपनियों , म्युचल फंड्स, स्टाक ब्रोकर , सामूहिक निवेश योजनाओ पेंशन योजनाओ ,गैर बैंकिग वित्तीय कंपनियो के खिलाफ शिकायत की रिपोर्ट www.sachet.rbi.org.in पर रिपोर्ट दर्ज करें।
नोटः- सायबर काईम संबंधित घटना घटित होने की सूचना भोपाल सायबर क्राइम के हेल्पलाइन नम्बर 9479990636 अथवा राष्ट्रीय हेल्पलाईन नंबर 1930 पर दें।
