नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

चुनौती हमने खड़ी की है वो तो कह रहे थे कि मैं सिर्फ़ पर्चा भरने आऊंगा उसके बाद सीधा मतदान करने के लिए जामनेर लौटूंगा आज वह जामनेर क्यों नहीं छोड़ पा रहे हैं? दिलीप खोड़पे सर के इस बयान में बीजेपी के नेता गिरीश महाजन से संबंधी वो सच छुपा है जिसे गोदी मीडिया कभी छापता नहीं है। आघाड़ी के क्षेत्र समन्वयक राजू बोहरा ने कहा जैसे हि खोड़पे सर ने चुनाव लड़ने की घोषणा की वैसे हि महाजन का वोट प्रवाह खिसक चुका है। बीजेपी कैंप में लंगर लगा है लोगों को खाना खिलाया जा रहा है। महाजन 5 मिनट के लिए भी जामनेर छोड़ने को राज़ी नहीं हैं हर जाती समाज के सम्मेलन ले रहे हैं। उनको चुनाव का नतीजा पता चल गया है इस बार आम लोगों ने यह चुनाव अपने हाथ में लिया है जामनेर विधानसभा क्षेत्र में परिवर्तन तय है।

महाविकास आघाड़ी के प्रत्याशी दिलीप खोड़पे ने जामनेर सीट से अपना नामांकन दाखिल किया उसके बाद नेता गण मीडिया से मुखातिब हुए। आघाड़ी के नेता जो बात कर रहे हैं उस का ज़िक्र New India Time’s अपनी रैली रिपोर्ट में करता आया है। गिरीश महाजन अपने विधानसभा क्षेत्र से करीबी सीटों पर बीजेपी महायुति को प्रचार के लिए समय दे रहे हैं। महाराष्ट्र में बीजेपी ने जिस असंवैधानिक तरीके से उद्धव ठाकरे की सरकार की हत्या की उसे जनता भूली नहीं है।
महायुति के खिलाफ़ व्याप्त असंतोष के कारण सरकार में शामिल सभी मंत्री अपनी सीट बचाने के लिए बेपनाह बेशकीमती पसीना बहा रहे हैं। जामनेर समेत प्रदेश का वोटर यह भी सोचने लगा है कि अगर वाकई महाराष्ट्र में सरकार बदलने जैसे हालात पनप रहे हैं तो जो नेता अगली विधानसभा में विपक्ष की कतार में बैठने वाले हैं उनको बार-बार धुवांधार तरीके से वोट दे कर जितवाकर सदन में भेजने का क्या मतलब है?
महाजन ने किया नामांकन: बीजेपी के नेता गिरीश महाजन ने आज जामनेर सीट से सातवीं बार नामांकन दाखिल किया। बीजेपी की रैली के कारण सारे शहर का यातायात कई घंटों तक ठप हुआ। हमेशा की तरह महाजन ने रैली रथ से अपना संबोधन दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रचार रथ की तरह सजाए गए रथ पर महाजन का आसान सबसे ऊंचा रखा गया।
उनके आसान से तीन चार सीढ़ी नीचे बनाए गए मंच पर केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे, सांसद स्मिता वाघ, राजू भोले, संजय गरुड़, गोविंद अग्रवाल, शरद पाटील, डॉ प्रशांत भोंडे, समेत दर्जनों नेताओ को जगह दी गई। दो डी जे, ढोल ताशे, पुराने भोपू सिस्टम के साथ करीब करीब पांच हजार लोग रैली में शामिल हुए।
