रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

धनतेरस के पावन पर्व पर धन्वन्तरि की जयंती के अवसर पर आजीविका कला दीर्घा में “नवम् आयुर्वेद दिवस” आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वन्तरि के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर एवं कन्या पूजन कर की गयी। स्वागत भाषण में जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला चौहान द्वारा समस्त उपस्थित जनो को आयुर्वेद दिवस की शुभकामना दे कर धन्वन्तरि द्वारा प्रेरित आयुर्वेद के महत्व को बताकर सदैव निरोगी रहने की कामना की। कलेक्टर नेहा मीना ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के समय में आयुष के उपचार की विधियों का विशेष पर महत्व है।

धन्वन्तरि द्वारा आयुर्वेद के पुण्य शास्त्र द्वारा विभिन्न उपचार पद्धतियों से अवगत कराया गया और आज यह विरासत के रूप हमारे साथ जीवित है एवं रिसर्च के नये आयाम प्रस्तुत कर रहा हैं। यह न केवल शारीरिक अपितु मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभप्रद है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि आयुर्वेद को दैनिक जीवन मे विभिन्न, आयुवर्गों के द्वारा अपनाया जाना चाहिए।

प्रदर्शनी का अवलोकन
कलेक्टर नेहा मीना द्वारा आयुष विभाग द्वारा लगायी विरुद्ध आहार की प्रदर्शन का अवलोकन किया गया जिसमे विभिन्न आहारो जिनका एक साथ सेवन विरुद्ध है, जैसे घी और शहद, के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी गयी। साथ ही आयुर्वेद की उपचार पद्धति के बारे में बताया गया। साथ ही स्वयं सहायता समूह की दीदियों को औषधियों गुण वाले वृक्ष बाटे गए।

इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ सत्यनारायण दर्रो, डिप्टी कलेक्टर हरिशंकर विश्वकर्मा, समस्त जिला अधिकारी, आयुष विभाग का अमला एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
