कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT; 
जलगांव ज़िले के कुछ ग्रामों में आतंक मचाते हुए अब तक 6 मनुष्य और अनेक मवेशियों की जान लेने वाले आदमखोर तेंदुए का खौफ इलाके में फैला हुआ है, जिसे पकड़ने में स्थानिक वन विभाग नाकाम होने के कारण बुलढाणा और अमरावती वन विभाग की रेस्क्यू टीम की मदद ली जा रही है।
बता दें कि खान्देश के जलगांव जिले की चालीसगांव तहसिल मुख्यालय से 20 किलो मीटर के अंतर पर से गुज़ारने वाली गिरना नदी से सटे कुछ देहातों में एक तेंदुए ने पिछले 2-3 माह से आतंक मचा रखा है। आस-पास के 5-6 ग्रामों के लोग खौफ के साये में हैं। किसान और खेत मजदुर खेतों में काम के लिए जाने से कतरा रहे हैं।अब तक 6 लोगों की जान ले चुके इस तेंदुए को पकड़ने में नाकाम रहे जलगांव वन विभाग के आग्रह पर तेंदुए को पकड़ने के लिए बुलढाणा और अमरावती वन विभाग की रेस्क्यू टीम के सदस्य चालीसगांव तहसिल के वरखेड में पहुंच गए हैं, जहां पर बीती रात को इस तेंदुए ने एक 70 साला बुजुर्ग महिला की जान ली थी। बुलढाणा-अमरावती की ये रेस्क्यू टीम को हिंस्त्र और अन्य वन्यजीवों को पकड़ने का ख़ास प्रशिक्षण दिया गया है जिन्हों ने अब तक कई सफल ऑपरेशन भी किये हैं।
इस आदमखोर तेंदुए को जान से मारने का आदेश राज्य शासन द्वारा जारी कर दिया गया है। फिल्हाल तेंदुए की खोज के लिए 200 के करीब सरकारी यंत्रणा के अधिकारी व कर्मी अलग-अलग टीमें बनाकर काम से लगे हुए हैं, जिनमें वन विभाग, राजस्व, पुलिस सहित एसआरपी के शूटर भी बुलाए गए हैं। ये इलाका नदी से सटा होने के कारण अतराफ़ में घनी झाड़ियाँ और गन्ना और कपास की फसल खेतों में खड़ी होने के कारण तेंदुए को खोजना बड़ा कठिन हो रहा है। बुलढाणा रेस्क्यू टीम के समाधान मानटे, सुधीर जगताप, देवीदास वाघ, संदिप मडावी और अमरावती रेस्क्यू टीम के अमोल गावनेर, चंद्रकांत मानकर व मनोज ठाकुर इस विशेष अभियान में अपना योगदान दे रहे हैं।
मंत्री महाजन ने तानी रिवाल्वर
चालीसगांव तहसिल के कुछ गांव के लोग आदमखोर तेंदुए की दहशत में जी रहे हैं। तेंदुए को पकड़ने में अब तक स्थानिक प्रशासन नाकाम साबित होने के बाद महाराष्ट्र राज्य शासन में जलसंपदा मंत्री तथा जलगांव के पालकमंत्री गिरीश महाजन स्वंय ही अपने हाथ में रिवाल्वर ले कर कल खेतों में तेंदुए की तलाश में निकल पड़े थे। मंत्री महाजन का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब राज्य के राजकारण में एक नया बवाल खड़ा हो गया है। वन अधिनियम का उल्लंघन मंत्री महाजन द्वारा किये जाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष दल उन पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।
