त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश सरकार जिस प्रकार से आंगनवाड़ियों में पढ़ने वाले नन्हें मुन्ने बच्चों को शासन की योजना अनुसार कई प्रकार के पोषण आहार के साथ मध्यान भोजन गुणवत्ता के साथ वितरण करने के निर्देश दे रही है साथ ही सरकार नन्हें मुन्ने बच्चों को कई प्रकार की सुविधा दे रही है जिन योजनाओं में सरकार की लाखों करोड़ों पर खर्च हो रहे हैं मगर इन योजनाओं को पलीता लगाकर आंगनवाड़ियों में भोजन वितरण कर रहे समूह द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। मामला सागर जिले के देवरी से है जहां पर देवरी नगर में रेवा स्व सहायता समूह जिसकी अध्यक्ष चंद्रानी पटेल एवं सचिव तेजराम पटेल हैं पूरे समूह का संचालन तेजराम पटेल द्वारा किया जा रहा है।

रेवा स्व सहायता समूह द्वारा नगर की करीब 8 आंगनवाड़ियों में करीब 10 से 15 वर्ष समय से मध्यान भोजन वितरण किया जा रहा है। इस समूह द्वारा विकास समय से पृथ्वी वार्ड पटेल वार्ड झुंकू वार्ड जवाहर वार्ड तिलक वार्ड एवं सुभाष वार्ड आदि आंगनवाड़ियों में नन्हें मुन्ने बच्चों को गुणवत्ताहीन भोजन दिया जाता है कभी-कभी खाने में कीड़े भी नजर आए हैं मगर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नज़र नहीं आई। वहीं महिला कार्यकर्ताओं का कहना है की आंगनवाड़ी में समूह द्वारा खाना खराब दिया जाता है शिकायत करो तो समूह संचालक धमकाते हैं कि मैं भाजपा का नेता हूं तुम्हारा ट्रांसफर करवा दूंगा नहीं तो नौकरी से घर बैठा दूंगा मेरी लंबी पहुंच है।
जब रेवा स्व सहायता समूह की लापरवाही एवं अनियमितता की जानकारी पत्रकारों को लगी तो देवरी नगर के समस्त पत्रकारों द्वारा नगर आंगनवाड़ियों का निरीक्षण किया गया जिसमें पाया गया कि आंगनवाड़ियों में समूह द्वारा नन्हें मुन्ने बच्चों को वितरित किया जाने वाला किया खाना गुणवत्ताहीन है जिसमें कार्यकर्ताओं द्वारा भी बयान दिया गया था। समूह के द्वारा गुणवत्ताहीन खराब खाना दिया जाता है मीनू के आधार पर कभी नहीं दिया जाता ना समूह संचालक हम लोगों की सुनते हैं शिकायत करने पर धमकी और देते हैं खाना में सुधार नहीं आया जब लापरवाही एवं अनियमितता को लेकर नगर के पत्रकारों ने खबर प्रकाशित की तो जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा पूरे मामले को गंभीरता से लेकर ब्लॉक परियोजना अधिकारी को हटाकर को दूसरी सुपर बाइजर को परियोजना अधिकारी का प्रभार सौंपा गया एवं लापरवाही करने वाले समूह को नोटिस जारी किया गया।
साथ ही समूह के एक दिन के खाना का पैसा भी काटा गया वहीं आंगनवाड़ियों का हालयह चल रहा है की आंगनवाड़ियों में 5से 10बच्चे ही नजर आ रहे है जबकी समूह का खाना खाने बाले 30 से 40 बच्चों का बिल बन रहा है नोटिस जारी होने के बाद रेवा स्व सहायता समूह पर जिला प्रशासन से लेकर ब्लॉक प्रशासन द्वारा कोई बड़ी सख्त कार्रवाई नहीं की गई समूह संचालक द्वारा सुधार ना करके दबंगता के साथ कहां जा रहा कि मेरा समूह जैसा खाना दे रहा है वैसा ही चलता रहेगा मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकार को भी समूह संचालक द्वारा धमकी दी गई कि अब यदि आप आंगनवाड़ी चेक करने गए तो तुम्हें झूठे मामले में फसवा दूंगा एवं तुम्हारे साथ कोई भी घटना करवा दूंगा मेरे समूह की आज के बाद खबर नहीं छापना नहीं तो ठीक नहीं होगा साथ ही यह भी कह डाला कि मैं किसी भी अन्य पत्रकार से 1 हजार देकर अपने पक्ष में खबर भी लगवा लूंगा अधिकारियों से भी सेटिंग कर लूंगा तुम कुछ नहीं कर पाओगे।
इससे स्पष्ट हो रहा है कि समूह संचालक द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं परियोजना विभाग के अधिकारियों को दबंगता एवं नेतागिरी दिखाई जाती है जिसके कारण करीब 10 से 15 साल से चल रहे समूह पर गुणवत्ता हीन भोजन बाटने व अनियमितता होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई जब समूह संचालक पत्रकारों को खुलेआम धमकी दे सकता है तो छोटे कर्मचारियों को धमकाता ही होगा। अब आगे देखते हैं जिला कलेक्टर से लेकर जिला परियोजना अधिकारी इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं या 1 नोटिस देकर ही पूरे मामले को रफा-दफा करते हैं। पत्रकार को धमकाने वाले मामले में देवरी क्षेत्र के समस्त पत्रकार रेवा स्व सहायता समूह संचालक के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने ज्ञापन भी देंगें।
