डॉक्टर भामरे के अथक प्रयासों से सुलवाड़े जामफल परियोजना को  नाबार्ड से हुआ ऋण उपलब्ध | New India Times

अब्दुल वहीद काकर, धुले (महाराष्ट्र), NIT; ​डॉक्टर भामरे के अथक प्रयासों से सुलवाड़े जामफल परियोजना को  नाबार्ड से हुआ ऋण उपलब्ध | New India Timesकार्य किए बिना किसी कार्य का श्रय लेना मेरी आदत नहीं है, जो कार्ये करता हूँ उसका सबूत भी देता हूँ । इस प्रकार का वक्तव्य केंद्रीय सुरक्षा राज्यमंत्री डॉक्टर सुभाष भामरे ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए  कहा। उन्होंने बताया है कि सासंद होने के नाते केंद्र की योजनाओं को ज़िले में कार्यान्वित कार्य सांसद ही करता है और लोक कल्याण हेतु हर संभव प्रयास करते रहूँगा।अक्कलपाड़ा परियोजना का श्रय कभी नहीं लिया, जल पूजन किया और केंद्र सरकार ने जो निधि उपलब्ध कराई है उसकी जानकारी नागरिकों को दी है ।​डॉक्टर भामरे के अथक प्रयासों से सुलवाड़े जामफल परियोजना को  नाबार्ड से हुआ ऋण उपलब्ध | New India Timesडॉक्टर सुभाष भामरे ने बताया है कि सुलवाड़े जामफल कनोली परियोजना पिछले बीस सालों से प्रलंबित पड़ी थी । राज्य में सन1995 मे युति सरकार के कार्य काल में शिंदखेड़ा तहसील में ताप्ती नदी पर दो बांध निर्माण किया गया जिस मे सुलवाड़े और सारंगखेड़ा बाँध का तीस से चालीस किलोमीटर रकबे का जल संचय होने के उपरांत भी किसानों के काम नही आ रहा था जिसके लिए सौ गाँव और कृषि क्षेत्र के लिए सन 2014 से सांसद श्री भामरे ने प्रयासों को आंरभ किया जिस में सब से पहले राज्य सरकार स्टेट फाइनेंस क्लियरेंस सर्टिफिकेट मान्यता 2016 में मंजूर किया, उसके बाद स्टेट इन्वेस्टमेंट क्लियरेंस की मान्यता 2017 फरवरी को प्राप्त हुई और केंद्र से राष्ट्रीय जल आयोग की अनुमति तथा राष्ट्रीय वाटर कंजर्वेशन मंत्रालय से इन्वेस्टमेंट डॉक्टर भामरे के अथक प्रयासों से प्राप्त हुआ जिस में सारथी की भूमिका मुख्यमंत्री फड़नवीस, अर्थ मंत्री सुधीर मुंगटीवार, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन तथा पर्यटन मंत्री जयकुमार रावल ने निभाई । केंद्रीय जल आयोग की अनुमति तत्कालीन मंत्री उमा भारती वाटर कंजर्वेशन सचिव को कागज़ी पूर्ति कर मान्यता प्राप्त हुई और टेक कमेटी में मंत्री उमा भारती के आदेश पर केंद्रित जल आयोग की उच्च स्तरीय बैठक में परियोजना पर चर्चा की गई और प्रधानमंत्री कृषि योजना में सुलवाड़े जामफल परियोजना को शामिल किया गया लेकिन देश के पूर्व के अधूरे पड़े 99 परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है, जिसमें पहले फण्ड उन परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा जिसमें महाराष्ट् राज्य की 26 परियोजना के पूर्ण होने के बाद ही सुलवाड़े जामफल परियोजना के कार्ये हेतु दस से बारह वर्षों तक इंतेजार करना होगा। परियोजना का महत्व केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्त सचिव को बताया गया उन्होंने कहा कि इस परियोजना हेतु विशेष पैकेज के लिए प्रधानमंत्री मोदी से चर्चा करें और प्रधानमंत्री मोदी ने वाटर कंजर्वेशन सचिव अमरजीत सिंह ने महाराष्ट् वाटर कंजर्वेशन सचिव चलह से परियोजना का ब्यौरा मंगाया तथा 15 नवंबर को दिल्ली में सुलवाड़े जामफल परियोजना की बैठक आयोजित की गई, बीच में मुख्यमंत्री फड़नवीस, मंत्री महाजन ने केंद्र सरकार से महाराष्ट् राज्य के सुसाइड प्रोन डिस्ट्रिक्ट एंड सर्वेर द्रुघट प्रोन डिस्ट्रिक्ट की अधूरी परियोजनाओं के लिए केन्द्र सरकार से स्पेशल पैकेज की मांग की थी जिस में सुलवाड़े जामफल परियोजना शामिल नही थी लेकिन 14 नवंबर की केंद्रीय मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी के प्रधान सचिव निपेंद्र मिश्रा की अध्यक्षता में आंरभ हुई जिसमें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय सुरक्षा राज्य मंत्री भामरे के निर्वाचन क्षेत्र की सुलवाड़े जामफल परियोजना पिछले 20 साल से प्रलंबित है जिसे मंजूरी दी जाती है और 25 प्रतिशत केंद्र और 75  प्रतिशत राज्य सरकार को अदा करना है लेकिन 75 प्रतिशत फंड की व्यवस्था केंद्र सरकार उपलब्ध करा कर देंगे जिसमें 10 करोड़ नबार्ड के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।

 जिसमें मुख्यमंत्री फड़नवीस ने डॉक्टर भामरे से कहा कि आप के प्रयासों के कारण ही बीस वर्ष से प्रलंबित योजना को फंड तथा मंजूरी प्राप्त हुई है। डॉक्टर भामरे ने बताया है कि इस परियोजना को दिसंबर 2018 तक पूरा किया जाएगा ताकि इस का लाभ शिंदखेड़ा और धुलिया तहसील के सौ से भी अधिक गावों के किसानों को सिंचाई हेतु आवश्यक पानी उपलब्ध होंगा।

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