रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

महान आत्माओं का चरित्र हमेशा प्रेरणादाई होता है ऐसे ही स्थानकवासी संप्रदाय में धर्मदास गण के एका भवतारी उमेश मुनी जी महाराज की सम्पूर्ण जीवन वर्तमान के वर्धमान जैसा था उनके संयमी जीवन में उन्होंने धर्मदास गण में अनेक उपलब्धियां प्रदान की जिसमें मेघनगर संघ को पूज्य उमेश मुनीजी द्वारा हस्तलिखित साहित्य का खजाना पूज्य नांदाचार्य साहित्य समिति के रूप मे प्रदान किया ऐसे गुरु के उपकारों को गण परिषद अनेक धार्मिक आयोजन के साथ निर्वाह कर रहा है।
वर्तमान में धर्मदास गण के प्रमुख उज्जैन चातुर्मास हेतु विराजित आगामविषारक पूज्य जिनेन्द्र मुनी जी म.सा.की प्रेरणा से मेघनगर श्री संघ में द्वितीय एवं तृतीय दिवस नवकार मंत्र जाप एवं अणु चालीसा, जिनवाणी का आयोजन किया गया जिसमें शुक्रवार को स्वाध्याय संघ थांदला से दो श्राविकाएं एवं शनिवार को सुश्रावक संजय जी मूणत, राजपालजो मूणत अणु स्वाध्याय भवन पधारे पुज्य गुरुदेव के जीवनकाल की विभिन्न घटनाओं और गुरुदेव के संयम जीवन यात्रा की पूरी व्याख्या की अणु की महिमा के गुणगान किये। राजपालजी ने स्तवन के माध्यम से गुरु गुणगान किये।
प्रवचन प्रभावना सुश्रावक सुरेन्द्र रतनलाल कटारिया परिवार द्वारा वितरित की गई तृतीय दिवस 160 श्रावक श्राविका द्वारा महावीर भवन पर सामूहिक एकासन तप की आराधना की गई जिसमे वागरेचा, बाफना धोका, भंडारी, कटारिया, जैन, खेमेसरा, झामर सोनी, पीचा, छाजेड़, बडोला कुल 15 परिवार द्वारा तीन दिवसीय एकासन का लाभ लिया जिसमे प्रथम दिवस 140 एकासन, द्वितीय दिवस 120 एकासन, तृतीय एकासन 160, एकासन संपन्न हुए प्रथम दिवस एकसान प्रभावना विनादेवी पुरणमाल जैन पप्पू भैया, द्वितीय दिवस संघ उपाध्यक्ष विनोद बाफना तृतीय दिवस प्रभावना तप चक्रेश्वरी स्नेहलता हंसमुखलाल वागरेचा परिवार द्वारा वितरित की गई आयोजन का संचालन चातुर्मास समिति के अध्यक्ष विपुल धोका ने किया।
