हथिनी सुलोचना हाथी डायना से दहशत का पर्याय बने बाघ को पकड़ने में जुटा वन विभाग, कैद हुई ङ्रोन कैमरे में तस्वीर | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

हथिनी सुलोचना हाथी डायना से दहशत का पर्याय बने बाघ को पकड़ने में जुटा वन विभाग, कैद हुई ङ्रोन कैमरे में तस्वीर | New India Times

दक्षिण खीरी वन प्रभाग के महेशपुर वन रेंज क्षेत्र के इमलिया अजान, मूडा आदि ग्रामों में आए दिन  गन्ने के खेतों में घूम रहे बाघ के हो रहे हमलों को लेकर गुरुवार को नेशनल पार्क से आई टीम द्वारा दो हाथियों की मदद से वन विभाग द्वारा काविंग
कर ट्रैकुलाइजर करने का प्रयास ड्रोन की बैटरी डाउन होने के कारण देखे गए बाघ को पकड़ पाने में असफल रही। जबकि आज ग्राम मूडाअस्सी के पास गन्ने खेतों के ऊपर ङ्रोन कैमरा उड़ाया गया।जिसमें बाघ नजर आया लेकिन गन्ना घना होने से बाघ को बेहोश नहीं किया जा सका आज शुक्रवार को हो रही बारिश से अभियान में दिक्कत आ रही है। बरहाल क्षेत्र में दहशत बनी हुई है।

मालूम हो कि वन रेंज क्षेत्र के अजान, इमलिया, घरधनिया, मुंडा जवाहर मूडा अ-स्सी, मूडा विशनू, शहाबुद्दीनपुर सहित अनेक ग्रामों में 30 दिनों से लगातार किसानों पर हो रहे बाघ के हमलों से क्षेत्र में दहशत व्याप्त होने के कारण किसान खेत में जाने से एवं बच्चे स्कूल जाने से कतराते हैं। बाघ लगातार अपना ठिकाना बदलकर लोगों को मार रहा है। प्रभावित क्षेत्र में गन्ने की फसलें अधिक होने से बाघ को खोजने में समस्या हो रही है।

वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए 25 से अधिक कैमरे व 4 पिंजरे, थर्मल ङ्रोन,खाबड जालीदार,दो वाच टाबर, ट्रेक्टर जालीदार,कार जिप्सी एक दर्जन पडडे ,बकरियों को भी बाधा गया है। इसके बाबजूद शातिर बाघ वन विभाग की टीम को चकमा देकर भागे जा रहा है। गुरुवार की शाम को बाघ पकड़े जाने के लिए उस समय प्रयास जोर पकड़ गया जब दुधवा नेशनल पार्क से हाथी डायना हथिनी सुलोचना ट्रक से लादकर घरथनिया आ गई।

इस दौरान हाथियों को देखने के लिए लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। शाम को घरथनिया गाँव के पास ट्रेस लोकेशन के मुताबिक हाथियों पर सवार होकर ट्रेकुलाइज अभियान पर टीमें निकली थी। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि वन विभाग की टीम ने बाघ को डाटस मारने का निशाना लगाया डाटस बाघ को लगा लेकिन बाघ बेहोश नहीं हुआ वह लड़खड़ाते हुए गन्ने के अन्दर घुस गया। डोज कम होने के चलते बेहोश नहीं हो सका और इस दौरान ङ्रोन कैमरे की बैट्री भी डाउन हो गई थी।

इस कारण बाघ नहीं पकड़ा जा सका, जिसके चलते आपरेशन बाघ विफल हो गया उसके बाद टीम हाथियों समेत वापस आ गई। हाथी पर सवार गोरखपुर से आए एक्सपर्ट डाक्टर दयाशंकर, मित्र पाल सिंह तोमर, वन दरोगा रोहित श्री वास्तव, उमर खान महावत अयूब खा, महताब, के साथ टीम गई थी। अभियान मे रेजर नरेश पाल , डिप्टी रेजर राम नरेश वर्मा, सहित तमाम लोग मौजूद रहे। फिलहाल डायना हाथी सुलोचना हथिनी पर सवार होकर टीमे बाघ को ट्रेकुलाइज करेगी थर्मल ङ्रोन से बाघ को ट्रेंस  किया जा चुका है। उधर घरथनिया के पास बाघ को देखा भी गया था। अभी तक संसाधन के तौर पर वन विभाग की स्थानीय टीम के साथ कैमरा आपरेटर बाघ मित्र ट्रैक्टर बाच मैन समेत प्रतिदिन 30 से अधिक लोग बाघ पकड़ने में लगे हुए हैं।

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