शारिफ अंसारी, मुंबई, NIT;
भिवंडी तालुका के भिवंडी-वसई मार्ग स्थित खारबाँव क्षेत्र में कम कीमत पर एवं सुविधानुसार किस्तों पर आशियाना दिए जानें का झांसा देकर हजारों फ्लैट धारकों से करोड़ों रुपया हजम कर लेने वाले महावीर पटवा ग्रुप के मालिक एवं बिल्डर राजेश पटवा एवं विनोद पटवा को ठाणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डॉ.महेश पाटिल के आदेशानुसार अपराध शाखा पुलिस पथक ने गिरफ्तार कर लिया है। अपराध शाखा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये दोनों पटवा बंधुओं को कोर्ट में पेश किया गया, जिन्हें मा न्यायाधीश ने 22 नवंबर तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश पारित किया है। उक्त प्रकार की कार्रवाई से फ्लैट धारकों की गाढ़ी कमाई को चूना लगाने वाले बिल्डर पटवा बंधुओं की गिरफ्तारी से क्षेत्र में निर्माण कार्य कर रहे अन्य बिल्डरों में हडकंप मचा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भिवंडी-वसई मार्ग स्थित खारबाँव क्षेत्र स्थित पाय गांव, पाए आदि ग्राम पंचायत सीमांतर्गत में बिल्डर महावीर पटवा द्वारा महावीर सिटी, महावीर श्रृषटी, महावीर ब्लैक टी आदि नामों से भवन का निर्माण विगत 3 वर्ष पूर्व जोरशोर से शुरू किया गया था। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि, बिल्डर पटवा बंधुओं द्वारा लगभग 4300 फ्लैट धारकों को तय समय सीमा में फ्लैट दिए जाने का आश्वासन देते हुए 222 करोड़ 18 लाख रुपया की राशि शर्तों के अनुसार बिल्डिंग निर्माण कार्यों हेतु वसूला गया लेकिन निर्माण कार्य नहीं करते हुए पैसों को हजम कर लिया गया है। फ्लैट धारकों के अनेकों बार अनुरोध करने पर भी बिल्डर पटवा बंधुओं द्वारा निर्माण कार्य नहीं शुरू किये जाने व फ्लैट मिलने में हो रहे विलंब से आक्रोशित फ्लैट बुकिंग कर्ताओं द्वारा पहले भिवंडी तालुका ग्रामीण पुलिस स्टेशन में बिल्डर पटवा के विरुद्ध शिकायत दर्ज करायी गयी, जहां से न्याय न मिलने के पश्चात ठाणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डॉ. महेश पाटिल से न्याय की गुहार लगाई थी। जिसे ठाणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डॉ महेश पाटिल ने गंभीरता पूर्वक लेते हुए अपराध शाखा पुलिस को बिल्डर के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए आदेश दिया। पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार हजारों फ्लैट धारकों का पैसा हजम करने वाले महावीर पटवा ग्रुप के मालिक बिल्डर राजेश पटवा एवं विनोद पटवा को गिरफ्तार कर क़ानून के हवाले किया है। उक्त मामले की विस्तृत जांच अपराध शाखा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विलास सानप को सौंपी गई है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा बिल्डरों के मनमानी कार्यप्रणाली पर नकेल लगाने व फ्लैट धारकों की सुविधा सुरक्षा हेतु बनाया गया महारेरा क़ानून भी भिवंडी शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्णतया बेअसर साबित हो रहा है। अधिकांश बिल्डर अवैध रूप से भवन निर्माण कार्य में जुटे हैं,जिन्हें क़ानून का कोई भय नहीं है। फ्लैट खरीदी करने वाले ग्राहकों की शिकायत पर क्षेत्रीय पुलिस काफी समय बर्बाद करने के बाद शिकायत दर्ज करती है परंतु आर्थिक व्यवहार करके बिल्डर पुनः क़ानून के शिकंजे से बच जाता है। बिल्डर पटवा बन्धुवों को सख्त से सख्त सजा दिए जानें की मांग जागरूक शहर वासियों द्वारा की जा रही है ताकि मनमानीपूर्ण कार्यों में लिप्त बिल्डरों का समूह उक्त प्रकार से पुन: किसी फ्लैट धारक से वसूली करके उनकी मेहनत की कमाई का पैसा हजम करने का साहस न कर सके।
