अब्दुल वहीद काकर, धुले (महाराष्ट्र), NIT;
80 वर्षीय वजीरा ख़ाला के सेवा भाव से लोग हतप्रभ हैं। अब तक 20 हजार से भी अधिक महिलाओं की निःशुल्क प्रसव करा चुकी है यह बुजुर्ग महिला जिसकी सेवा के कारण धुलिया जिले की जनता उन्हें पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित करने की मांग कर रही है।
वजीरा खाला ने कभी भी उम्र को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और आज भी वे अपना समय मरीजों के बीच ही बिताती हैं। सबसे हैरत की बात तो यह है कि वह बिना कोई फीस लिए मरीजों का इलाज करती हैं। अभी तक बीस हजार से भी अधिक महिलाओं की सामान्य प्रसव नि:शुल्क कराया है। लोगों की मानें तो वे सेवा और तपस्या की जीती जागती प्रतिमा हैं। धुलिया ज़िले की साक्री तहसील के पिपलनेर गांव निवासी वजीरा मूसा खान जिन्हें सब वजीरा ख़ाला के नाम से जानते हैं। बिना जातीय भेदभाव के साक्री तहसील में लोगों के घरों पर जाकर निःशुल्क डिलीवरी सामन्य रुप से प्रसव कराने में आता है आनंद। तहसील के अनेक डॉक्टर प्रसव पीड़ा के जटील मामलों में 80 वर्षीय खाला का परामर्श लेते हैं।
65 सालों से वजीरा मूसा खान मुफ्त में महिलाओं का प्रसव करा रही हैं। अब तक हजारों महिलाओं की नॉर्मल डिलिवरी करा चुकी हैं और कभी किसी से फ़ीस का मुतालबा नही किया। जिस ने जो खुशी से दिया वह अपने पास रख लिया। अनपढ़ वजीरा मूसा खान के सेवा भावी कार्य को धुलिया के तत्कालीन ज़िलाधिकारी प्रकाश महाजन ने सत्कार कर समानित किया। साक्री तहसील क्षेत्र में विविध सामाजिक संगठनों द्वारा मातोश्री पुरस्कार शिवसेना , देश बंधु आदि पुरस्कारों से समानित किया गया है।
वजीरा मूसा खान की सेवा भावी कार्ये की दख़ल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राष्ट्रपति कोविंद ले और खान्देश की कन्या को पद्म भूषण पुस्कार से समानित किया जाए। इस प्रकार की मांग धुलिया नंदूरबार की जनता कर रही है ।
