अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
भावांतर भुगतान योजना में 15 से 25 नवम्बर तक पंजीयन करवाने वाले किसानों को सत्यापन सुनिश्चित होने पर 30 नवम्बर तक योजना का पंजीयन क्रमांक जारी कर दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ने योजना के अंतर्गत अपंजीकृत किसानों को 15 से 25 नवम्बर की अवधि में पंजीयन करवाने का एक और मौका दिया है।
अपंजीकृत किसान यह पंजीयन 3500 प्राथमिक कृषि सहकारी साख संस्थाओं पर आवश्यक दस्तावेज यथा भू-अधिकार पुस्तिका, खसरा/खतौनी की नकल, मतदाता परिचय-पत्र तथा बैंक पासबुक की कॉपी के साथ अपना मोबाइल नम्बर अंकित कराकर करवा सकते हैं। आवेदन में दर्शायी गयी फसल के क्षेत्र की पुष्टि राजस्व/कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों से करवायी जायेगी। यह सत्यापन सुनिश्चित होने पर 30 नवम्बर तक भावांतर भुगतान योजना का पंजीयन क्रमांक किसान को जारी कर दिया जायेगा।
इसके अलावा 15 से 25 नवम्बर की अवधि में जो किसान पंजीयन के पहले अपनी फसल की मण्डी प्रांगण में खरीदी-बिक्री कर चुके हैं, वे भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिये ऐसे किसानों को एक से 15 दिसम्बर तक जिस मण्डी में उन्होंने फसल बेची है वहाँ स्वयं उपस्थित होकर अनुबंध-पत्र, तौल-पर्ची, भुगतान-पत्रक, योजना पंजीयन क्रमांक पर्ची और आधार-कार्ड प्रस्तुत करना होगा।
पहले दौर में 16 से 31 अक्टूबर तक योजना में पंजीकृत किसानों के खाते में भावांतर की राशि 20 नवम्बर तक जमा कर दी जायेगी। राशि जमा होने की जानकारी किसानों को उनके पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस से भी दी जायेगी।
किसान विक्रय संव्यवहार में किसी प्रकार की त्रुटि या आपत्ति हो, तो भुगतान की तारीख से 15 दिवस में जिला कलेक्टर को दस्तावेज प्रस्तुत कर सुधार करवा सकेंगे। इन दस्तावेजों में भावांतर भुगतान पंजीयन पर्ची, मतदाता फोटो परिचय-पत्र/आधार-कार्ड तथा बैंक पासबुक की कॉपी जरूरी होगी। किसान द्वारा प्रस्तुत आवेदन का निराकरण जिला कलेक्टर्स द्वारा 10 दिन की समय-सीमा में किया जायेगा।
भावांतर भुगतान योजना संबंधी जानकारी के लिये किसान टोल-फ्री नम्बर 18002332501 पर सुबह 7 बजे से रात्रि 11 बजे तक सम्पर्क कर सकते हैं।
