डंडे के ज़ोर पर PWD की सड़क से खदेड़े गए ठेले, मंत्री गिरीश महाजन के गृह नगर में आखिर चल क्या रहा है ? | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

डंडे के ज़ोर पर PWD की सड़क से खदेड़े गए ठेले, मंत्री गिरीश महाजन के गृह नगर में आखिर चल क्या रहा है ? | New India Times

बार बार विधानसभा में पहुंचने वाले किसी नेता के स्थानीय जनाधार को कमज़ोर करने का काम विपक्ष के बजाय पुलिस काफ़ी खूबी से करती है। जामनेर में मानसून पूर्व अतिक्रमण हटाओ मुहिम आरंभ हो गई है। चिंचखेड़ा नाबालिक आदिवासी लड़की हत्या केस में आरोपी को पकड़ने में फेल पुलिस की नाकामी पर से जनता का ध्यान अतिक्रमण की ओर शिफ्ट कराया जा चुका है।

शहर में कहीं कोई झगड़ा हो गया दोनों तरफ़ से सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए जैसे तैसे मामला सुलझा उसके बाद नगर परिषद की मदत से पुलिस ने डंडे के जोर पर PWD की मालकियत वाली सड़क किनारे लगने वाले गरीब ठेले वालों पर कार्रवाई करना शुरू कर दी। कुछ दिन पहले किसी एक अखबार में अतिक्रमण से जुड़ी खबर छपी थी। उसमें पूरा सच नहीं लिखा गया, मंडी के अभाव से गांधी चौक में लगने वाला सब्जी बाजार, ट्रैफिक असुविधा इन सब बातों का जिक्र किया गया। लेकिन कन्या स्कूल मार्केट बेसमेंट में जगह दे कर इन गरीब ठेले वालों का पुनर्वास किया जाना चाहिए इस हल से प्रशासन को सुझाया नहीं गया। अवैध धंधे, सरकारी अस्पताल और ठेलों का अतिक्रमण यह तीन विषय संत्री प्रेमी चाटुकार पत्रकारों के कुछ लिखने के शौक का पसंदीदा साधन बन चुके है।

कब होगा विकास:- बंजर पड़ी MIDC में कारखानों का अभाव प्रचंड बेरोजगारी, अधर में लटका बायपास रोड, बढ़ते शहर से संसाधनों पर बनते दबाव के कारण सार्वजनिक व्यवस्था का चरमराना स्वाभाविक है। जामनेर में विकास के नाम पर बीते तीस साल से सिर्फ़ और सिर्फ़ गंदी राजनीति की जा रही है। BOT में 20/40 लाख रुपया डिपॉजिट और हजारों रुपए में उतना हि किराया भरकर दुकान लेने की हर किसी की हैसियत होती तो कोई गरीब सड़क पर ठेला नहीं लगाता।

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