फैज़ान खान, बिजनौर/नई दिल्ली, NIT:

मोहल्ला शहाचंदन में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर घमासान बढ़ता जा रहा है। चांदपुर का शहाचंदन और सराय रफी मोहल्ला महाभारत का रणक्षेत्र बन गया है। सतपाल तंवर तमाम कानूनी दांवपेंच लगाकर 13 वर्ष पुरानी मूर्ति को टूटने से बचाने का प्रयास के रहे हैं। भीम सेना इस प्रतिमा की रक्षा करने में जुटी है। वहीं भीम सेना की महिला कार्यकर्ताओं को मैदान में डटने को कहा गया है। दिल्ली और गुड़गांव (हरियाणा) की भीम सेना को भी अलर्ट मोड़ पर हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने भीम सेना चीफ नवाब सतपाल तंवर को रोकने के लिए अपने अनुसूचित जाति मोर्चा के नेताओं को तैयार कर दिया है
बीजेपी और आरएसएस से जुड़े कार्यकर्ता और कुछ वाल्मीकि संगठन विभीषण की भूमिका में आ गए है। तमाम पुलिस फोर्स, सरकारी शक्तियां, पुलिस की लोमड़ी चाल, साम-दाम-दंड-भेद विफल होने के बाद सतपाल सिंह तंवर को रोकने के लिए अब बीजेपी ने आपस में एक दूसरे को भिड़ाने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। जिसमें बहुजन समाज पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भी बीजेपी के साथ भीम सेना के विरोध में आ गए हैं। तंवर के एक के बाद एक दांव ने प्रशासन के नाकों चने चबवा दिए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने मूर्ति हटाने की योजना पर फिलहाल काम करना बंद कर दिया है। भीम सेना के दांव पेंच के सामने घुटने टेकते हुए प्रशासन बैकफुट पर आ गया है और न्यायालय के अगले आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
