पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (म.प्र.), NIT:

आज धार जिला की परियोजना तिरला में आंगनवाड़ी केन्द्र-7 में किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के बारे में समझाया गया। इस दौरान परियोजना अधिकारी सत्यनारायण मकवाना उपस्थित रहे। बालिकाओं को आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक श्रीमती रूपवंती डावर एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताऐ श्रीमती कांता परमार, उषा वैघ, सपना परमार, ज्योति पाटीदार, जमना पटेल द्वारा माहवारी एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इसे दूषित, गंदा, अपवित्र माना जाता हैं।
बालिकाओं को इस दौरान शरीर में होने वाले शारीरिक परिवर्तनों के बारे में बताया गया। बालिकाओं को माहवारी के समय साफ सफाई व स्वच्छता के बारे में बताया गया। माहवारी के दौरान निम्न बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए- जैसे कि माहवारी के दौरान रोज स्नान करना चाहिए। इसके साथ ही अपने भीतरी कपड़ों को अच्छी तरह से साबुन एवं साफ पानी से धोकर सुखाना चाहिए। पेड एवं कपड़े जो भी प्रयोग किया जा रहा है उसे दिन 4 से 5 घंटे में बदलना आवश्यक हैं। एनिमिया चक्र के बारे में बताया गया। बालिकाओं को खान-पान पर ध्यान देने के लिए बताया गया। बालिकाओं को आगे बताया कि मासिक धर्म के दौरान खून निकल जाने की वजह से आयरन जैसे तत्व शरीर से बाहर निकल जाते हैं।
बालिकाओं को खाने पीने में पौष्टिक भोज्य पदार्थ जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, नींबु, संतरा, आंवला, दाल, गुड आयरण की गोलियां का उपयोग करना चाहिए।
