नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

किसी भी शहर की पहचान उस शहर में दाखिल होने के लिए बनाई गई मुख्य सड़क से होती है, भले ही उस शहर में एक भी ऐसा कारखाना न हो जिससे कम से कम हजार दो हजार बच्चों को रोजगार मिले, उनके परिवारों का चूल्हा जले। हम उस जामनेर की बात कर रहे हैं जिसमे दाखिल होने से पहले आप यात्रियों मुसाफिरों को Y Point पर विध्वंस के प्रतीक के रूप मे पहचाने जाने वाले बारूदी टैंक का दर्शन होता है। भाजपा नेता गिरीश महाजन के मंत्री बनते ही 8 करोड़ रुपए से बनी मुख्य फोरलेन सड़क को ठीक उसी प्रकार से सेवाविस्तार दिया जा रहा है जैसे मोदी सरकार की ओर से ED, SBI, RBI, CBI, EC, सेबी के उच्च पदस्थों को दिया गया है।

आधी रात को अमीर घर के बेरोजगार और छपरी टाइप युवकों द्वारा की जाने वाली खतरनाक बाइक राइडिंग आम राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। जामनेर की यह महान फोरलेन सड़क दिल्ली का राजपथ बन चुका है। रात के 11 बजते ही नगर परिषद तिराहे से सरकारी ITI तक स्टंटबाजी का यह खेल हररोज़ खेला जाता है। इसी कड़ी में बालू की अवैध ढुलाई करने वाले डंपर प्रशासन की तरफ़ से होने वाली प्रतिबाधक कार्रवाई के डर से फोरलेन की हवा को चीरते हुए शहर से बाहर दौड़ते हैं। नियम के मुताबिक सारा मार्केट 11 बजे के भीतर बंद हो जाता है इसी बीच नेताओं के आशीष के टुकड़ों पर पलने वाले असामाजिक तत्व नाइट लाइफ के आभास में ठेले, दुकानों और खानपान के ढाबों पर दबंगई झाड़ते नज़र आते हैं जिससे ख़राब होने वाले माहौल के चलते आम लोगों में असुरक्षा का भाव बढ़ने लगा है। पुलिस के रेकॉर्ड में दर्ज पेशेवर अपराधियों और प्रतिबंधात्मक आदेशजदा तत्वों पर तत्काल प्रभाव से नकेल कसने की मांग की जा रही है। हमने जिस विषय पर यह न्यूज़ रिपोर्ट की है यह समस्या जलगांव के सभी 15 तहसीलों के मुख्य शहरों में लगभग समान है।
