जामनेर बनेगा झीलों का तहसील, वाघुर डैम लिफ्ट इरिगेशन के सामुहिक तालाब निर्माण का भाजपा नेता गिरिश महाजन के हाथों भूमिपुजन | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जामनेर बनेगा झीलों का तहसील, वाघुर डैम लिफ्ट इरिगेशन के सामुहिक तालाब निर्माण का भाजपा नेता गिरिश महाजन के हाथों भूमिपुजन | New India Times

जलगांव जिले के जामनेर ब्लॉक में खेती की पूर्णकालीन सिंचाई में अहम योगदान देने वाली वाघुर डैम लिफ्ट योजना में बनने वाले तालाबों की चेन का भाजपा की ओर से नेता गिरिश महाजन के हाथों जामनेर तहसील क्षेत्र के चारों कोनों में चरणबद्ध तरीके से भूमिपूजन करवाया जा रहा है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नक्शे कदम पर चलते हुए भाजपा के तमाम नेताओं ने अपने-अपने व्यक्तिगत प्रभाव वाले क्षेत्रों में जनता को विकास योजनाओं की सौगात, उपहार, गिफ्ट देने का सिलसिला आरंभ कर दिया है। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए पार्टी ने कमर कस ली है, रावेर से कौन लड़ेगा इस पर चल रहा मंथन अंदरूनी मसला है।

जामनेर बनेगा झीलों का तहसील, वाघुर डैम लिफ्ट इरिगेशन के सामुहिक तालाब निर्माण का भाजपा नेता गिरिश महाजन के हाथों भूमिपुजन | New India Times

गाड़ेगांव के बाद गारखेड़ा में वाघुर प्रकल्प की लिफ्ट योजना नंबर 1, 2 अंतर्गत 3810 तालाब+उनको जोड़ने वाली भूमिगत प्रणाली और 146 मे 47 गादरोधी सीमेंट गतिरोधों का शुभारंभ मंत्री गिरिश महाजन के करकमलों से किया गया। मंच पर जिलाधीश आयुष प्रसाद, नेता संजय गरुड़, चंद्रकांत बविस्कर, जे के चव्हाण, सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। भोपाल को झीलों का शहर कहा जाता है अब खेती तालाबों के निर्माण के बाद जामनेर को यह पहचान मिलेगी। समारोह के लिए वाघुर विभाग ने अपनी ओर से आधिकारिक रुप से पत्र जारी नहीं किया था।

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2011 में 250 करोड़ रुपए से मंजूर वाघुर लिफ्ट योजना के वाटर लिफ्ट योजना का काम हिवरखेड़ा पंपिंग हाउस के निकट पुरा हो चुका है। यहां से पानी को पंप से उठाकर पाइप के जरिए 50 से अधिक गांव में प्रस्तावित तालाबों में डाला जाना है। राज्य सरकार ने 3810 तालाबों के निर्माण के लिए 2024 के अंतरिम बजट में 2288.31 करोड़ रूपए मंजूर करवाए हैं। तालाबों के निर्माण के लिए वाघुर विभाग, कृषि विभाग और किसानो के बीच किए गए अथवा किए जा रहे अनुबंध आज भी निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा बने हुए है। अनुसंधानित प्रशासनिक मान्यता (सुप्रमा) का 2288.31 करोड़ रूपयों में से कितना पैसा वाघुर को उपलब्ध हुआ है इसकी कोई जानकारी सिंचाई विभाग की ओर से सार्वजानिक नहीं की जा सकी है।

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