नए साल का पहला दिन पेट्रोल- डीज़ल बिन, जनता सड़कों पर बेज़ार, दूसरे दिन भी वही रार | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने कहा कि नए साल के पहले दिन देश की जनता संकल्पित होती हैं अपने कर्तव्यों और दायित्वों के प्रति मगर भाजपा सरकारें सिर्फ़ वोट लेकर अपने दायित्वों और कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती हैं, आज नए साल के पहले दिन भाजपा सरकारों की मनमानियों की वजह से मध्यप्रदेश सहित देश भर में अराजकता की स्थिति निर्मित हो रही हैं, ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने हड़ताल प्रारंभ की है, जिसकी वजह से पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीज़ल टैंकरों से नहीं पहुंच पा रहा है।

नए साल का पहला दिन पेट्रोल- डीज़ल बिन, जनता सड़कों पर बेज़ार, दूसरे दिन भी वही रार | New India Times

हड़ताल क्यों

हाल ही में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा भारतीय न्याय संहिता-2023 कानून पास किया गया है, उसके प्रावधानों के खिलाफ ट्रक ड्राइवर और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन सड़कों पर हैं और वे अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं।

कांग्रेस का पक्ष

श्री जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकारें प्रजातंत्र का मखौल उड़ाती हैं, जन-माने नहीं मन-माने निर्णय लेने के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में केंद्र की भाजपा सरकार ने भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 पारित किए हैं। श्री जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने इन बिलों के लिए लोकसभा के अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति से भारतीय न्याय संहिता-2023 के बिल की जांच के लिए संसद की एक संयुक्त समिति के गठन की मांग की थी, मगर उसे दर किनार कर दिया गया। मोदी सरकार ने प्रजातांत्रिक व्यवस्था का गला घोंटकर, अब ज़्यादातर विधेयकों को संसदीय समिति के पास जाँच के लिए भेजना बंद कर दिया है, कांग्रेस की सरकारों में 75 प्रतिशत विधेयक कानून बनने के पहले जाँच के लिए संसदीय समितियों को सौंपे जाते थे, मोदी सरकार में अब सिर्फ़ 16 प्रतिशत विधेयक भेजे जाते हैं।

श्री जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय विधेयकों को संबंधित मंत्रालयों की साइट पर डाला जाता था, ताकि आम जनता व्यापक रूप से विमर्श कर सके और प्रभावित पक्ष का अभिमत जाना जा सके। मगर अब मोदी सरकार में मात्र 11 प्रतिशत कानून ही जनता के विमर्श के लिए डाले जाते हैं। श्री जीतू पटवारी ने कहा कि मोदी सरकार ने कानून पास कराने का एक मनमाना तरीका और निकाला है, सरकार बड़ी संख्या में विपक्षी सांसदों को निलंबित कर देती है और चुपचाप कानून पास कर लेती है। श्री पटवारी ने बताया कि चाहे किसानों की ज़मीन हड़पने के अध्यादेश हो, किसानों के खिलाफ काले तीन क्रूर कानून हों यह सब केंद्र की भाजपा सरकार की मनमानियां दर्शाती हैं।

जनता हो रही परेशान-प्रदेश भाजपा सरकार नहीं दे रही ध्यान

श्री पटवारी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि नए साल के पहले दिन समूचे मध्यप्रदेश में हजारों लोग न सिर्फ़ पेट्रोल डीज़ल भरवाने के लिए मारे मारे भटकते रहे, बल्कि लाखों लोग परिवहन के अभाव में सड़कों पर दरबदर की ठोकरें खाने को मजबूर थे। आने वाले दिनों में अगर यही स्थिति निर्मित रही तो परिवहन के अभाव में फल, सब्जी, दूध सहित आवश्यक वस्तुओं का गंभीर अभाव उत्पन्न हो जाएगा। इतना ही नहीं लोगों की एक राज्य से दूसरे राज्य या एक जिले से दूसरे जिले जाना दुश्वार हो जाएगा। यही हाल रहा तो मरीजों के लिए एम्बुलेंस तक नहीं चल पाएंगे।

श्री जीतू पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार को निर्मित हो रही इन परिस्थितियों की जानकारी पहले से थी, मगर मुख्यमंत्री सहित सभी कैबिनेट मंत्री तथा पूरी सरकार के नये साल की जश्न की खुमारी उतरने का नाम ही नहीं ले रही थी, उन्होंने जनता की इस परेशानी का कोई संज्ञान नहीं लिया। हम प्रदेश की भाजपा सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह जन सरोकारों के मुद्दें का तुरंत संज्ञान ले और न्यायोचित निराकरण शीघ्र निकाले।
श्री जीतू पटवारी ने कहा कि वर्तमान में हो रहे विरोध से एक बात साफ हो गई है कि मोदी सरकार ने कानून बनाने के वक्त जनता और विपक्षी दलों से व्यापक विमर्श नहीं किया न ही प्रदेश की भाजपा सरकार ने पहले से कोई तैयारी की जिसका खामियाजा आज जनता को भुगतना पड़ रहा है।

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