अविनाश द्विवेदी, भिंड ( मप्र ), NIT;
रविवार शाम को शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर काफी संख्या में लोगों का हुजूम इकठ्ठा हुआ। दिलचस्प बात यह रही कि अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के समर्थन में सभी वर्ग के लोग इकट्ठे हुए और प्रधान आरक्षक शुक्ला जी अमर रहे के नारे लगाये।
ज्ञात हो कि आरक्षक शुक्ला ने आत्महत्या करने से पहले थाना प्रभारी और एसपी तक से मदद की गुहार लगाई थी लेकिन उनकी कहीं सुनवाई न होने पर उन्होंने आत्महत्या करने का कठोर निर्णय लिया था। श्री शुक्ला स्वभाव से खुद्दार व्यक्ति थे। अपने व्यक्तित्व में कर्मशीलता और ईमानदारी होने की वजह से रौन थाने में सभी की आखों की किरकरी बने हुए थे और अंततः अत्याचार का शिकार हो गए।
तदुपरांत कई लोगों ने प्रदर्शन किये, उसके बाद टीआई और पुलिस अधीक्षक तक को हटाया जा चुका है लेकिन अब तक एफआईआर नहीं हुई है जिसके लिए रविवार को पैदल कैंडल मार्च निकाला गया जो शहीद भगत सिंह की प्रतिमा से लेकर बजरिया होते हुए गांधी जी की प्रतिमा तक पहुंचा, जहां लोगों ने माग को लेकर अपने विचार रखे, जिसमें राहुल भारद्वाज ने कहा कि वो खाकी के स्वाभिमानी जवान थे, इसलिए उन्हें शहीद घोषित करने की मांग करते हैं और उनके परिवार में योग्यता अनुसार अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए एवं सरकार से मांग करते हैं कि सरकार पीड़ित परिवार को सांत्वना के तौर पर एक करोड़ रुपये की राशि उन्हें प्रदान करे। समाजसेवी मुकेश दीक्षित ने कहा कि अब भिण्ड में हर अन्याय के खिलाफ सर्व समाज इकट्ठा होगा।
इस अवसर पर राधेश्याम शर्मा, पूर्व सांसद रामलखन सिंह, मुकेश दीक्षित, रमेश बाबू चौधरी, दीपक चौधरी, सुनील काँकर, एड. शिवराम शर्मा, कल्लू वाजपेयी, आशीष पाठक, विष्णु पराशर, बंटी शर्मा, गगन शर्मा, प्रवेंद्र शर्मा, जयदीप सिंह, एस एन मिश्रा, अचल वाजपेयी, कासिम खान, छुटंकी समाधिया, डॉ वरुण शर्मा, राहुल यादव, विकास भारद्वाज, गिर्राज पांडे, अवनीश बौहरे, राजेश कुशवाह, अश्वनी तिवारी, विपिन चतुर्वेदी,राजीव चतुर्वेदी, मनीष ऋषीश्वर, हरेंद्र तिवारी, बॉबी भारद्वाज, शिवम दुबे सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
