अरशद आब्दी, झांसी ( यूपी ), NIT;
जनता के सेवक पार्षद (नगरसेवक) के भाई की लापरवाही से घायल हुए हुए छात्र को उपचार सेवा मुहैय्या कराने के बजाए पार्षद के भाई के द्वारा धमकाने व अभद्रता करने का मामला सामने आया जिसको लेकर लोगों में जबर्दस्त नाराजगी देखने को मिल रही है।
घायल छात्र आदित्य वाधवा ने NIT संवाददाता को बताया कि “मेरी कोई गलती नहीं थी अंकल, मैं तो अपनी बाइक से जानकीपुरम अपने घर जा रहा था तभी कॉलोनी के बाहर ही एसएसपी जी के बंगले के पास आगे जा रही कार अचानक रुकी और गाड़ी चला रहे अंकल ने अचानक कार का गेट खोल दिया और मेरी मोटर साइकिल गेट से टकरा गई तथा मेरे पैर में गंभीर चोट लग गई। जब मैंने अपने पापा को कॉल करने के लिए जेब से मोबाइल निकाला तो मेरा फोन भी छीन लिया और स्विच आफ कर दिया और वे मुझे घर छोड़ कर चले गए तथा सारी गलती मेरे ऊपर ही डाल दी।यह व्यथा उस 21 वर्षीय छात्र आदित्य वाधवा की है जो अपनी पढ़ाई करके शाम 8 .30 बजे वापस अपने घर एसएसपी निवास के सामने स्थित जानकीपुरम कॉलोनी जा रहा था, तभी सफेद रंग की आई 10 कार अचानक रुक जाती है और कार का दरवाजा भी खुल जाता है और पीछे से आ रहा छात्र आदित्य वाधवा उस कार के खुले गेट से टकराकर घायल हो जाता है जिसके दाहिने पैर का मांस तक निकल गया तथा घुटने में चोटईआई। खास बात तो यह है कि उस घायल छात्र के ही पड़ोस में रहने वाले उसी वार्ड के सभासद विकास खत्री का भाई बॉबी खत्री उस कार को चला रहा था जब पार्षद के भाई बॉबी खत्री से छात्र के माता पिता ने जानकारी करना चाही तो इस पर वह बिगड़ गया और उन्हें भी खरी खोटी सुना दी तथा “जो कर सको कर लेना” की धमकी देकर चला गया।
अब आदित्य वाधवा के माता-पिता उसका इलाज अपने खर्च पर करा रहे हैं l बुंदेलखंड विश्वविधयालय के पास बने एक नर्सिंग होम में 2 घंटे चली सर्जरी के बाद डाक्टर ने 3 माह का रैस्ट करने की हिदायत दी है। सवाल यह है कि अब कैसे होगी उसकी पढ़ाई और कैसे देगा अगले माह परीक्षा? क्या यही होगा अमन की नगरी कही जाने वाली झांसी एवं योगी राज में?
