रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/जिया उल हक कादरी, झाबुआ (मप्र), NIT:

राणापुर युग प्रभावक पुण्य सम्राट श्री मद विजय जयंत सेन सूरीश्वरजी म.की दिव्य कृपा से धर्म दिवाकर गच्छाधिपति आचार्य श्री मद विजय नित्यसेन सूरिजी,भांडवपुर तीर्थ के विकास पुरुष आचार्य श्रीमद विजय जयरत्न सूरिजी के आज्ञानुवर्ती वरिष्ठ मुनिराज श्री वीररत्न विजयजी,
मुनिराज श्री (डॉ.) संयमरत्न विजय जी तपस्वी मुनिराज श्री भुवनरत्न विजयजी महाराज का वर्षायोग विशाल स्तर पर चल रहा है।
चातुर्मास काल में मुनि भगवंत भी श्री पर्युषण महापर्व के पहले केशलोंच करते हैं। उन्ही से प्रेरणा लेकर स्थानीय नरेंद्र पगारिया, विपुल सेठ, शैलेश सेठ, शांतिलाल बी सकलेचा, मुकेश चौधरी, सोनू सेठ, गौतम सकलेचा,
मनीष सकलेचा, नितेश सकलेचा, पियूष व्होरा ने केशलोंच करवाया। लोच की प्रक्रिया मुनि भुवनरत्न विजयजी ने की। नगर की दो श्रविका श्री मति सन्तोष सकलेचा, श्री मति आशा सकलेचा ने पालीताना तीर्थ पर चातुर्मास करते हुए केशलोंच करवाया।
उज्जैन निवासी मंत्र साधक नरेंद्र जैन, पारा निवासी राजेंद्र कोठारी ने भी राणापुर आकर केशलोच करवाया। नेनावा में झाबूआ के मांगीलाल कांठी एव अरविन्द लोढ़ा ने लोच करवाया। पुण्य सम्राट के अनन्य भक्त, परिषद के पूर्व राष्ट्रिय महामंत्री और शाश्वत धर्म के पूर्व सम्पादक श्री जे के संघवी जो 22 वर्षों से केश लोच कर रहे हैं उनका भी सम्मान प्रतीक चिन्ह से किया इन सभी लोच कराने वालों का वरिष्ठ पत्रकार समीर मल मूलचंद जी सकलेचा परिवार की और से तरुण परिषद के राष्ट्रीय सदस्य अवि सकलेचा ने साल, श्री फल, माला और नवकार पट्ट देकर बहुमान किया।
