श्रीकांत पुरोहित, देवास ( मप्र ), NIT;
मप्र के जिला देवास के कन्नौद नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रो मे झोला छाप डॉक्टर आये दिन मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं जिसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारी B.M.O को के बाद भी कोई कार्रवाई नही की जाती है।
मिली जानकारी के अनुसार झोला छाप डॉक्टर अपने क्लिनिक पर फर्जी डिग्री के आधार पर प्रेक्टिस कर रहे हैं। यहां कई डॉक्टरों के पास होमयोपैथिक डिग्री है और एलोपैथी पद्दति से किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के भोले भाले मरीजों से सिलेंन चढ़ने के 500 से 1000 रुपए लिए जाते हैं। मरीज बीमारी के डर से इलाज करवाते हैं। नगर मे 10 से12 ऐसे क्लिनिक है जहां पर फर्जी डिग्री धारी डॉक्टर मरीजों को भर्ती कर इलाज कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार कई बार शिकायतों के बाद भी क्लिनिक पर कभी भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है। शायद प्रशासनिक अधिकारी किसे बड़े हादसा का इंतजार कर रहे हैं। कुछ महा पूर्व ही नगर के एक फर्जी डॉक्टर ने एक बालिका का पेर सुन्न कर दिया था उस समय भी मामला जन सुनवाई मे रखा गया था लेकिन किसी भी अधिकारी ने फर्जी डॉक्टर के ऊपर कार्रवाई नहीं की। वह व्यक्ति यहां वहाँ परेशान होता रहा फिर उस व्यक्ति ने उस बालिका का इलाज इंदौर जाकर कराया।
