अरशद आब्दी, झांसी ( यूपी ), NIT; 
झांसी नगर में तीन तलाक़ पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का तहेदिल से इस्तिक़बाल करते हैं क्योंकि शुरुआत से ही यह ग़ैर इस्लामी है। हम, साफतौर पर यह भी वाज़ेह कर देना चाहते हैं कि यह तरीक़ा मुसलमानों के कुछ ही फिरक़ों में लागू है। शिया मुसलमान और अहले हदीस तो एक साथ तीन तलाक़ को कभी भी नहीं मानते हैं। इसलिए इस मुद्दे पर साम्प्रदायिक राजनीति नहीं होनी चाहिए। इस फैसले का किसी राजनीतिक दल को श्रेय नहीं लेना चाहिए।
सैयद शहनशाह हैदर आब्दी, समाजवादी चिंतक-झांसी।
