भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मोबाइल ऐप माइ फास्ट टैग और फास्टैग पार्टनर का किया शुभारंभ | New India Times

अतिश दीपंकर, नई दिल्ली, NIT; ​भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मोबाइल ऐप माइ फास्ट टैग और फास्टैग पार्टनर का किया शुभारंभ | New India Timesभारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मोबाइल ऐप माइ फास्ट टैग और फास्टैग पार्टनर का शुभारंभ किया है। यह ऐप्स इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह के लिए फास्टैग की उपलब्धता प्रदान करेंगे। 

भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण ने आज नई दिल्ली में  दो मोबाइल ऐप्स –  माइ फास्ट टैग और फास्टैग पार्टनर का शुभारंभ किया, जो इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह के लिए फास्टैग की उपलब्धता प्रदान करेंगे। इस अवसर पर एनएचएआई के अध्यक्ष श्री दीपक कुमार ने कहा कि ईटीसी परियोजना के लिए फास्टैग की खरीद और रिचार्ज के बोझल तरीके प्रमुख चुनौती रहे हैं। आज शुरू किए किए गए मोबाइल ऐप्स इस प्रक्रिया को सरल बनाएंगे और इनसे मोबाइल बटन के क्लिक पर फास्टैग्स की खरीदारी या रीचार्ज कराना संभव होगा।​
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मोबाइल ऐप माइ फास्ट टैग और फास्टैग पार्टनर का किया शुभारंभ | New India Timesमायफ़ास्टैग एक उपभोक्ता ऐप है जिसे एंड्रॉइड और आईओएस सिस्टम दोनों के लिए डाउनलोड किया जा सकता है। उपभोक्ता इस ऐप से फास्टैग की खरीदारी या रिचार्ज कर सकता है। ऐप लेनदेन करने में मदद करने के अलावा ऑनलाइन शिकायत निवारण में सहायता प्रदान करता है।

फास्टैग पार्टनर एक व्यापारी ऐप है। कॉमन सर्विसेज सेंटर, बैंकिंग भागीदार और वाहन डीलर जैसी एजेंसियां इस ऐप के माध्यम से बिक्री और फास्टैग लगा सकती हैं। इसके अलावा ऐप आरएफआईडी टैग को सक्रिय करने में प्रयुक्त किया जा सकता है जो इस संबंध में 2013 में जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुकरण में देश की लगभग 74 लाख कारों में इनबिल्ट है। ये आरएफआईडी टैग पहले से ही कारों में लगे हैं लेकिन निष्क्रिय हैं। यह ऐप इन आरएफआईडी टैग को ईटीसी टैग यानि (फास्टैग) में बदल देगा।
श्री दीपक कुमार ने यह भी सूचित किया कि 1 अक्टूबर, 2017 से देश के सभी 371 एनएचएआई टोल प्लाजा की सभी लेन फास्टैग से युक्त हो जाएंगी। हर एक टोल प्लाज़ा की एक लेन समर्पित फास्टैग लेन होगी, जहां कोई अन्य भुगतान स्वीकार नहीं होगा। अन्य लेन यद्यपि फास्टैग युक्त होंगी लेकिन वे भुगतान का अन्य तरीका भी स्वीकार करेंगी। सभी 371 एनएचएआई टोल प्लाजा में समर्पित फास्टैग लेन1 सितंबर, 2017 से शुरू हो जाएंगे।
उपरोक्त के अलावा, एनएचएआई सभी टोल प्लाजा के पास सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से फास्टैग की ऑनलाइन बिक्री करेगा। अब फास्टैग जारीकर्ता बैंक वेबसाइटों/एनएचएआई वेबसाइट/आईएचएमसीएल वेबसाइट से ऑनलाइन की जा सकता है और इन्हें क्रयकर्ता के घर कोरियर द्वारा भेजा जाएगा। कल यानि 18 अगस्त, 2017 से शुरू हो रहे फास्टैग की खरीदारी सभी टोल प्लाजा के पास स्थापित सामान्य सेवा केन्द्र बिक्री केंद्रों से भी की जा सकती है। सीएससी का 20 करोड़ आधार कार्ड बनाने और कम अवधि में ही अपने बड़े नेटवर्क के कारण डिजीटल इंडिया के अन्य लक्ष्य अर्जित करने में पूर्व रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। अनुमान है कि सीएससी के साथ भागीदारी ईटीसी पारिस्थितिकी तंत्र को और बढ़ावा मिलेगा।
अभी तक 6 लाख से अभी फास्टैग बेचे जा चुके हैं। अनुमान है कि फास्टैग की उपलब्धता और पहुंच में सुधार करने की इन पहलों से अधिक से अधिक लोग इन्हें खरीदने के लिए प्रोस्ताहिस होंगे। इससे ईटीसी परियोजना को बहुप्रतीक्षित बढ़ावा मिलेगा जिनका उद्देश्य यात्रा को अधिक सुविधाजनक त्वरित और जनता के लिए पर्यावरण अनुकूल बनाना है।

भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण ने आज नई दिल्ली में  दो मोबाइल ऐप्स –  माइ फास्ट टैग और फास्टैग पार्टनर का शुभारंभ किया जो इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह के लिए फास्टैग की उपलब्धता प्रदान करेंगे। इस अवसर पर एनएचएआई के अध्यक्ष श्री दीपक कुमार ने कहा कि ईटीसी परियोजना के लिए फास्टैग की खरीद और रिचार्ज के बोझल तरीके प्रमुख चुनौती रहे हैं। आज शुरू किए किए गए मोबाइल इस प्रक्रिया को सरल बनाएंगे और इनसे मोबाइल बटन के क्लिक पर फास्टैग्स की खरीदारी या रीचार्ज कराना संभव होगा।
मायफ़ास्टैग एक उपभोक्ता ऐप है जिसे एंड्रॉइड और आईओएस सिस्टम दोनों के लिए डाउनलोड किया जा सकता है। उपभोक्ता इस ऐप से फास्टैग की खरीदारी या रिचार्ज कर सकता है। ऐप लेनदेन करने में मदद करने के अलावा ऑनलाइन शिकायत निवारण में सहायता प्रदान करता है।
फास्टैग पार्टनर एक व्यापारी ऐप है। कॉमन सर्विसेज सेंटर, बैंकिंग भागीदार और वाहन डीलर जैसी एजेंसियां इस ऐप के माध्यम से बिक्री और फास्टैग लगा सकती हैं। इसके अलावा ऐप आरएफआईडी टैग को सक्रिय करने में प्रयुक्त किया जा सकता है जो इस संबंध में 2013 में जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुकरण में देश की लगभग 74 लाख कारों में इनबिल्ट है। ये आरएफआईडी टैग पहले से ही कारों में लगे हैं लेकिन निष्क्रिय हैं। यह ऐप इन आरएफआईडी टैग को ईटीसी टैग यानि (फास्टैग) में बदल देगा।
श्री दीपक कुमार ने यह भी सूचित किया कि 1 अक्टूबर, 2017 से देश के सभी 371 एनएचएआई टोल प्लाजा की सभी लेन फास्टैग से युक्त हो जाएंगी। हर एक टोल प्लाज़ा की एक लेन समर्पित फास्टैग लेन होगी, जहां कोई अन्य भुगतान स्वीकार नहीं होगा। अन्य लेन यद्यपि फास्टैग युक्त होंगी लेकिन वे भुगतान का अन्य तरीका भी स्वीकार करेंगी। सभी 371 एनएचएआई टोल प्लाजा में समर्पित फास्टैग लेन1 सितंबर, 2017 से शुरू हो जाएंगे।
उपरोक्त के अलावा, एनएचएआई सभी टोल प्लाजा के पास सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से फास्टैग की ऑनलाइन बिक्री करेगा। अब फास्टैग जारीकर्ता बैंक वेबसाइटों/एनएचएआई वेबसाइट/आईएचएमसीएल वेबसाइट से ऑनलाइन की जा सकता है और इन्हें क्रयकर्ता के घर कोरियर द्वारा भेजा जाएगा। कल यानि 18 अगस्त, 2017 से शुरू हो रहे फास्टैग की खरीदारी सभी टोल प्लाजा के पास स्थापित सामान्य सेवा केन्द्र बिक्री केंद्रों से भी की जा सकती है। सीएससी का 20 करोड़ आधार कार्ड बनाने और कम अवधि में ही अपने बड़े नेटवर्क के कारण डिजीटल इंडिया के अन्य लक्ष्य अर्जित करने में पूर्व रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। अनुमान है कि सीएससी के साथ भागीदारी ईटीसी पारिस्थितिकी तंत्र को और बढ़ावा मिलेगा।
अभी तक 6 लाख से अभी फास्टैग बेचे जा चुके हैं। अनुमान है कि फास्टैग की उपलब्धता और पहुंच में सुधार करने की इन पहलों से अधिक से अधिक लोग इन्हें खरीदने के लिए प्रोस्ताहिस होंगे। इससे ईटीसी परियोजना को बहुप्रतीक्षित बढ़ावा मिलेगा जिनका उद्देश्य यात्रा को अधिक सुविधाजनक त्वरित और जनता के लिए पर्यावरण अनुकूल बनाना है।

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