मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

इस युग में जिस भी मानव ने जन्म लिया है, यह मानव जीवन की प्राप्ति मानव को 84 लाख योनि के बाद मिलती है और यही एक ऐसी योनि है जिसमें हम मानव मात्र मोक्ष प्राप्त कर सकता है जो मानव भगवान की भक्ति एवं सदाचार जीवन परस्पर स्नेह की भावना रखते हुए भगवान का स्मरण करता है वह मोक्ष प्राप्ति का हकदार होता है। अधिक मास में हर मानव को यह समझना होगा अधिक मास का महत्व हर मानव प्राणी के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और इस अधिक मास में जो भी अधिक मास का पालन करता है वह प्रतापी पुण्य भाग्यशाली होता है और जो मानव अधिक मास में अधिक मास का अपमान करता है, दुराचार करता है, वह व्यक्ति नरक का भागी होता है। उपरोक्त उदगार महाजनापेठ स्थित श्री विट्ठल मंदिर सभागृह में अधिक मास के अंतर्गत कथा का श्रवण करते हुए परम पूज्य 108 श्री महंत नर्मदानंद गिरी महाराज ने जायंट्स ग्रुप ऑफ़ बुरहानपुर एवं जन जागृति संस्था बुरहानपुर के सम्मान समारोह के अवसर पर मुखारविंद से श्री विट्ठल मंदिर में व्यक्त किए।
इस अवसर पर जायंट्स ग्रुप ऑफ़ बुरहानपुर जायंट्स फेडरेशन अधिकारी मध्य प्रदेश महेंद्र जैन, जायंट्स उपाध्यक्ष डॉ हर्ष वर्मा, जायंट्स व जनजागृति संस्था के सदस्यगण सर्वश्री हरिओम अग्रवाल, कैलाश अग्रवाल, सुनील सलूजा, अरुण जोशी महाराज, मंगला दुबे रिछारिया, महावीर प्रसाद बांदिल, डॉ अशोक प्रसाद गुप्ता के साथ-साथ बहुत बड़ी संख्या में अन्य समाज गण उपस्थित थे। उपरोक्त जानकारी जायंट्स अध्यक्ष डॉक्टर फौज़िया सोडा वाला ने दी।
