प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक हुई आयोजित, बैठक में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि हुए शामिल

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रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक कलेक्टर कार्यालय सभा कक्ष में प्रभारी मंत्री इन्दरसिंह परमार, राज्यमंत्री, स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) एवं सामान्य प्रशासन विभाग मध्यप्रदेश शासन की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर जे.एस. बघेल, सांसद गुमानसिंह डामोर, भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह नायक, पूर्व विधायक शांतिलाल बिलवाल, भाजपा जिला महामंत्री सोमसिंह सोलंकी, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, अध्यक्ष प्रदेश युवा मोर्चा भाजपा भानु भूरिया, व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजय काठी, रोटरी क्लब के नगर कार्यकारिणी अध्यक्ष मनोज अरोरा, कांग्रेस पदाधिकारी प्रकाश राका, सामाजिक महासंघ के अध्यक्ष निरज राठौर, कांग्रेस पदाधिकारी साबिर फिटवेल एवं सभी समिति के सदस्य उपस्थित थे।
प्रभारी मंत्री द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि पहले हम लोगों को समझाईश दें की वे कोरोना गाइड लाईन का पालन करें। मास्क अपनी दिनचर्या में लाएं। इस संकट की घडी में हम एकजुट होकर कोरोना महामारी को हराने का संकल्प लेंगे।

बाहर से जो श्रमिक आ रहे हैं उनकी टेस्टिंग के लिए सजग रहें। जुर्माने आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जावे, इसके पूर्व चेताया भी जावे।

व्यापारी संघ का यह प्रस्ताव भी ठीक है कि मास्क नहीं तो सामान नहीं, मास्क नहीं तो बात नहीं, किसी का भी व्यापार प्रभावित न हो ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जावे।

दुकानों में मास्क, सेनेटाईजर अनिवार्य रूप से हो इससे व्यापार प्रभावित नहीं होगा।

जीवन भी चलता रहेगा और हम सावधानी भी बरतते रहे।

अभी 90 प्रतिशत वैक्सीनेशन पूर्व हो चुका है।

हम अभी सुरक्षा के घेरे में तो है। बच्चों के लिए जो 15 से 18 तक के है वैक्सीनेशन शत प्रतिशत हो बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए।

हाट बाजार में भी लोग आते है उनकी दुकाने दूर-दूर पर हो यह सुनिश्चित करें।

किसी भी स्थिति में रोजगार बन्द नहीं होना चाहिए।

शादी समारोह, दाह संस्कार आदि के लिए कोरोना प्रोटोकाल के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। समाज में भी जनजागृति अभियान चलाया जाना चाहिए। अस्पतालों में, दुकानों में दवाईया की कमी न हो ऐसे अभी से व्यवस्था सुनिश्चित कर ले।

अब तीसरी लहर के लिए शासन द्वारा बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की है।

बच्चे शहरी हो या ग्रामीण हो इसका आकलन कर वैक्सीनेशन सुनिश्चित करें।

जहां तक परीक्षा का प्रश्न है वह बाद में भी हो सकेगी।

प्रथम बच्चों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है।

पूर्व में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है।

आनलाइन पढ़ाई में ग्रामीण बच्चों को परेशानी हुई है।

अब हम ग्रामीण स्तर पर भी शिक्षा का स्तर कम नहीं होने देंगे।

पूर्व कोरोना में जहां पर एक तरफ लोग घर में बैठे थे और दूसरी तरफ लोग मदद के लिए आगे आए थे। इस बार हमें पूनः तीसरी लहर के बचाव के लिए एकजूट होकर सामना करना है।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने पीपीटी के माध्यम से आपदा प्रबंधन के संबंध में की जाने वाली कार्यवाही को सदन में प्रस्तुत किया।

जिसमें कोरोना से सुरक्षा के लिए जिले के सभी अस्पतालों में सभी आवश्यक व्यवस्थाए जैसे दवाईया, ऑक्सीजन, आईसीयू रूम, पर्याप्त रूप से बैड की व्यवस्था, डॉक्टर्स की व्यवस्था, कोविड सेंटर की व्यवस्था, निजी चिकित्सालयों से एग्रीमेंट, यहां पर सभी व्यवस्था के आकलन के लिए अधिकारी की नियुक्ति, सतत टीकाकरण बच्चों को वैक्सीनेशन की व्यवस्था, जिला स्तर, जनपद स्तर पर कन्ट्रोल रूम की व्यवस्था, कोविड सेंटर पर पर्याप्त ऑक्सीजन कन्सटेटर, बैड की व्यवस्था, मनोरंजन की व्यवस्था, सेनेटाईजर की व्यवस्था, मास्क की व्यवस्था, मरीजों को खाने पीने की व्यवस्था उपलब्ध हो चुकी है। इसकी सतत मानिटरिंग भी की जा रही है।

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