56 करोड़ लागत की सूरजपुरा बांध परियोजना चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट, 6 वर्षों में पूरा नहीं हो पाया निर्माण कार्य

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त्रिवेन्द्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश के सागर जिले की देवरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत केसली ब्लाक के करीब 20 ग्रामों के किसानों को कई वर्षों से पानी की भारी समस्या का सामना करना पड रहा है जिसके कारण वहां पर फसलों की उपज पर सीधा असर पड़ता हे साथ ही वहां अन्य जगह के किसानों की अपेक्षा फसलों में काफी कम मात्रा में फसलों की उपज होती है साथ ही अन्य स्थानों की अपेक्षा यहां के किसानों को अन्य फसलें जो पानी की मात्रा ज्यादा चाहती है वो फसले यहां किसान उगाने से बंचित रह जाते हैं जिसके कारण वहां के किसान पीने के पानी तथा फसलों को पर्याप्त मात्रा में पानी की समस्या से कई वर्षों से जूझ रहे थे जिसकी विगत वर्ष पहले सभी 20 ग्रामों के किसानों द्वारा देवरी क्षेत्र के विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री हर्ष यादव को सामूहिक रूप से सूरजपुरा बांध परियोजना का मांग पत्र का ज्ञापन सौंपा गया था तो विधायक द्वारा तुरंत क्षेत्रीय समस्या के निराकरण हेतु सूरजपुरा बांध परियोजना के लिए करीब 56 करोड की राशि स्वीकृत करायी गई थी व बांध निर्माण तथा नहर निर्माण का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ कराने के लिये निर्देश अधिकारियों को भी दिये थे जिससे किसानों को जल्द परियोजना के नहर द्वारा पर्याप्त मात्रा मे पानी मिल सके और समस्या का निराकरण हो सके। सिचाई विभाग द्वारा सूरजपुरा बांध परियोजना तथा उसकी नहर का निर्माण करने के लिये निर्माण एंजेसी राय एण्ड सिंग कम्पनी को सौंपा गया जिसके ठेकेदार तथा संबंधित सिचाई विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण वर्ष 2015 से 2021 आज दिनांक तक कार्य पूर्ण नहीं किया गया और किसान आज भी पानी की आस में बैठे हुये हैं। वहां के किसानो ने बताया कि सिचाई विभाग व ठेकेदार की लापरवाही के कारण आज भी सूरजपुरा परियोजना जो 56 करोड की है उसमें ठेकेदार व अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य पूरा न करके उस राशि में करोड़ों का भ्रष्टाचार किया गया है जिसके कारण 6 बर्ष में भी कार्य पूरा नहीं किया गया है जिसके कारण वहां के किसानों को आज भी पानी की समस्या से गुजरना पड रहा है। यह सूरजपुरा बांध परियोजना करीब 20 ग्रामों में नाहरमऊ, गुलामी, नयागांव, भुसोरा, धनगुंवा, मेढ़की, पटना बाबा, कोनिया, नन्ही, बरकोटी, बडी बरकोटी, आफत गंज, डिहरा आदि अन्य ग्रामों को जोड़ती है जिससे सभी ग्रामों के सैकडों किसानों की फसलों को लाभ मिलना था मगर आज भी वहां के किसान करीब 6 वर्षों से परियोजना की नहर बनने तथा पानी मिलने के इंतजार में बैठे हुये हैं। किसानों की समस्या को लेकर व ठेकेदार तथा अधिकारियो की लापरवाही के कारण वहां के किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पा है जिसके सम्बंध में क्षेत्रीय विधायक हर्ष यादव से वहां के किसानों ने समस्या से अवगत कराया तो तुरंत विधायक ने परियोजना निर्माण में अधूरे कार्य को जल्द पूर्ण करने तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों व ठेकेदार पर सख्त कार्यवाही के लिये सागर कलेक्टर व संबंधित सिचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखे गये साथ ही किसानों के साथ राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम का ज्ञापन भी सौंपा गया था मगर प्रशासन द्वारा व सरकार के मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निराकरण के लिये कोई कदम नहीं उठाया गया जिसको लेकर क्षेत्रीय विधायक ने कहा कि यदि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ नही होता है तो समस्त किसानों के साथ धरना प्रदर्शन एवं उग्र आन्दोलन किया जायेगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की ही होगी।

वहीं पटना बाबा ग्राम के किसान एडवोकेट अजय कुर्मी ने बताया कि सूरजपुरा बांध परियोजना के निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार किया गया है जो भी कार्य किया गया है वो गुणवत्ताहीन किया व जो कार्य अधूरा पडा है उस राशि को भ्रष्टाचार की भेंट चढा दिया गया है। वही नाहरमऊ ग्राम के किसान मुकेश यादव ने कहा कि ठेकेदार व अधिकारी की लापरवाही के कारण हम लोग परियोजना स्वीकृत के छै बर्ष पूर्ण होने के बाद भी उसके लाभ से बंचित है क्योकि परियोजना मै काफी लंबा भ्रष्ट्राचार किया गया है वही के किसान लक्ष्मन विश्वकर्मा ने कहा कि हम लोग छोटे गरीब किसान है जो दो .चार एकड की जमीन पर फसल उगाते है और परिवार का भरण पोषण करते है यदि पानी पर्याप्त मिलने लगे तो हम लोगो को काफी मात्रा मै लाभ होगा मगर ठेकेदार की लापरवाही के कारण परियोजना करीब छै बर्ष से स्वीकृत होने के बावजूद भी लाभ नही ले पा रहे है वही के किसान कमलेश पटेल ने कहा कि हम लोग पानी की समस्या से परेशान है ठेकेदार व अधिकारी यो द्वारा लाखो करोडो का भ्रष्ट्राचार किया गया है कही कही नहर को पक्का किया गया बाकी खुदाई करके ही छोड दिया गया है यदि शीघ्र अधूरा निर्माण कार्य पूर्ण नही किया गया तो हम सभी किसान अपने क्षेत्रीय बिधायक के साथ धरना व जल सत्याग्रह करने पर विवस होगे जिस की पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार तथा सिचाई विभाग के अधिकारी यो की होगीl ऐसा ही हाल सोनपुर जलाशय परियोजना का हाल है जो जिले की सबसे बडी परियोजना हे इसके नहर का निर्माण कार्य भी बर्षो से ठेकेदार की लापरवाही के कारण आज तक पूर्ण नही किया गया इसके अंतर्गत भी बहुत से ग्राम जैसे रामखेरी केसली मदनपुर जरुआ बम्हनी साबू ढाना जैतपुर कछैया चोपड़ा खामखेडा आदि ग्रामो के किसान योजना का लाभ लेने से बंचित बैठे हुये है l

इनका कहना है –
“सूरजपुरा जलाशय परियोजना का निर्माण शीघ्र गुणवत्ता के साथ पूर्ण नही किया गया तो मै किसान भाईयो के साथ उनकी समस्या के निराकरण के लिये जल्द ही धरना व उग्र आन्दोलन करने पर बिवस हो जाऊंगा मेरे द्वारा बिगत समय से संबंधित मंत्री व बरिष्ठ अधिकारीयो को पत्र भेजा गया मगर समस्या का निराकरण नही किया गया यह स्पष्ट हो रहा है कि भाजपा सरकार किसानो की बिरोधी सरकार है मै किसानो की हर लड़ाई मै उनके साथ आखरी सांस तक खडा हूं चाहे इनकी समस्या के निराकरण के लिये मुझे कुछ भी करना पडे मै हमेशा तैयार रहूंगा l”
हर्ष यादव, विधायक व पूर्व मंत्री देवरी विधान सभा।

ठेकेदार की लापरवाही के कारण निर्माणकार्य में विलंब हुआ है जिसके कारण सूरजपुरा बांध की परियोजना का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है, संबंधित ठेकेदार पर कार्यवाही हेतु टेंडर निरस्त कर पुन: टेंडर लगाने की कार्यवाही की गई है जिससे निर्माण कार्य शीघ्र हो सके: पी एम तिवारी, कार्य पालन यंत्री जल संसाधन विभाग क्रमांक 2 सागर।

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