फांसी लगाने महेंद्र विश्वकर्मा के परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए दी भूख हड़ताल करने की चेतावनी

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त्रिवेंद्र जाट, देवरी/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

देवरी क्षेत्र के ग्राम रसेना के रहने वाले महेन्द्र विश्वकर्मा की मृत्यु मामले में विगत दिनों महाराजपुर पुलिस की जानकारी अनुसार बताया गया था कि देवरी क्षेत्र के रसेना ग्राम पंचायत में रहने वाले 32 वर्षीय युवक महेन्द्र विश्वकर्मा जो कि मजदूरी करता था उसने सुना पंचायत के ग्राम झिरिया खेड़ा ग्राम से करीब 500 मीटर दूर जंगल में एक सागोन के पेड़ से लटक कर रविवार की रात फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली है मगर परिजनों ने पुलिस द्वारा बताई गई बात को नकारते हुये कहा महेन्द्र ने फांसी नहीं लगाई है बल्कि उसकी हत्या की गई है। मृतक की पत्नि ने कहा कि हमने दो लोगों पर हत्या करने की अशंका जताई है जिसमें मृतक के साथ करीब तीन वर्ष से अफेर रखने वाली झिरिया खेड़ा ग्राम की महिला ममता ठाकुर व वहीं ग्राम के निवासी राजेश पर आरोप लगाया है कि इन लोगों द्वारा मेरे पति महेन्द्र को रविवार की रात को 9 बजे दोनों का फोन आया था तभी से वो घर से कहीं चले गये थे फिर बाद में लौट के नहीं आये और सुबह फांसी की बात पता लगी, जबकि मेरे पति कभी फांसी नही लगा सकते थे। ममता हमेशा मुझे व मेरे परिवार को भी धमकी देती थी कि यदि महेन्द्र को मेरे पास आने से मना किया तो जान से मरवा दूंगी, मुझे पूरा शक है कि मेरे पति की हत्या इसने ही कराई है।

मेरे पति के हत्यारे को सजा नहीं मिली तो मैं और मेरा परिवार भूख हड़ताल करेगा जब तक न्याय नहीं मिलेगा। वहीं मृतक के पिता ने कहा मेरा बेटा कभी फांसी नहीं लगा सकता है, मेरे बेटे की हत्या की गई है। मेरे बेटे की हत्या ममता व राजेश ने की है जिनके नाम हम लोगों ने थाने में भी बताये पर कुछ कार्यवाही नहीं हुई, पुलिस द्वारा जांच दिखावा की कर ली गई इसलिए मेरे परिवार को न्याय नहीं मिला। पुलिस द्वारा हम लोगों को ही बयान लेने के समय धमका डराया गया, पुलिस द्वारा उन लोगों का बचाव किया जा रहा है। मेरे बेटे ने फांसी नहीं लगाई। पुलिस रविवार की रात्रि को फांसी की घटना बता रही है यदि फांसी कह रहे हैं तो रात्रि में फांसी से उतारते समय परिवार को क्यों नहीं बुलाया गया और रात्रि में ही पंचनामा क्यों नहीं बनाया गया? फांसी से किसने उतारा साफ नहीं हो रहा है। मेरे बेटे का घटना स्थल से फोन गायब है, उसके गले में किसी महिला का चुन्नी का कपड़ा था वो किसका है? घटना स्थल पर वहां चूड़ियाँ टूटी पड़ी थीं वो किसकी थी, कौन था उस समय? मेरे बेटे की फोन की लोकेशन काल डिटेल नहीं निकाली गई और पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में बताया गया था कि फांसी है जिसको देखा था जिसमें फांसी की जगह पहले डॉक्टर ने पानी में डूबने से मौत बताई थी फिर उसपर लाइन फेर कर फांसी लिखा गया, यह सब क्या हो रहा, कैसी जांच हो रही है? पुलिस व डॉक्टर द्वारा ये क्यों नहीं बताया गया कि उसके चेहरे पर माथे में चोट थी उसके हाथ में भी चोट थी लेकिन उस रिपोर्ट में कुछ नहीं आया। पुलिस द्वारा पूरी जांच में सही जांच नहीं की गई केवल दिखावा किया गया है। पुलिस हत्यारों को बचाने में लगी है क्योंकि जानकारी से पता लगा है कि उन लोगों का एक नेता सपोर्ट कर रहा है जिसके कहने पर हत्या की घटना को फांसी बताया जा रहा है। यदि मेरे बेटे की हत्या में सही जांच नहीं हुई व आरोपियों को सजा नहीं मिली तो मैं व मेरे पूरे परिवार के सदस्य भूख हड़ताल करेगे और भूखे ही सभी जान दे देंगे जिसकी जिम्मेदार पुलिस होगी।

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