फ्रांस में नबी की शान में की गई गुस्ताखी को लेकर जमीअत उलमा मध्यप्रदेश ने दुनिया भर के मुसलमानों से की अपील, जब तक फ़्रांस के हुक्मरानों के ज़रिए माफी नहीं मांगी जाती है तब तक भारत और पूरी दुनियां के मुसलमान फ्रांसीसी प्रोडक्ट का करें बायकाट

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अबरार अहमद खान, स्टेट ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

फ्रांस में नबी की शान में की गई गुस्ताखी को लेकर जमीअत उलमा मध्यप्रदेश ने सख़्त अलफ़ाजों में निंदा करते हुऐ दुनिया भर के मुसलमानों से अपील की है कि जब तक फ़्रांस के हुक्मरानों के ज़रिए माफी नहीं मांगी जाती है वहां के मुसलमानों की हिफाज़त के क़दम नहीं उठाए जाते हैं तब तक भारत और पूरी दुनियां के मुसलमान फ्रांसीसी प्रोडक्ट का बायकाट करें।
जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के प्रेस सचिव हाजी मोहम्मद इमरान ने बताया कि कल जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून के मार्गदर्शन में जमीअत उलमा मध्यप्रदेश की टीम मोहम्मद कलीम एडवोकेट, हाजी मोहम्मद इमरान, ज़िला अध्यक्ष हाफिज इस्माइल बेग, मुफ़्ती मोहम्मद राफे, मुफ़्ती मोहम्मद सलमान, मौलाना हनीफ़, मौलाना यासिर आदि ने भोपाल के (GPO) डाक घर पहुंच कर भारत के महामहिम राष्ट्रपति मोहदय को ज्ञापन भेज कर मांग की है कि नबी की शान में फ्रांस के ज़रिए की जा रही गुस्ताखी और वहाँ के मुसलमानों पर किए जा रहे ज़ुल्म के खिलाफ सरकार भारत के मुसलमानों की ओर से फ्रांस और UNO तक यह आवाज़ पहुंचाए कि अल्लाह के नबी की शान में गुस्ताखी पूरी दुनियां में कहीं भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फ्रांस हो या कोई फर्द मुसलमानों की ओर से नबी की शान में की जाने वाली गुस्ताखी पर उसे करारा जवाब दिया जाएगा।

जमीअत उलमा मध्यप्रदेश की टीम यह मांग करती है कि फ्रांस को यह बता दिया जाए कि नबी की शान में गुस्ताखी पर पूरा भारत एक आवाज़ है। अल्लाह के नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ना ही वहां के मुसलमानों के ऊपर हो रहे ज़ुल्म को। वहीं जमीअत उलमा मध्यप्रदेश ने नबी स.अ. व के चाहने वालों से भी अपील की है कि जब तक फ़्रांस के हुक्मरानों के ज़रिए माफी नहीं मांगी जाती है और वहां के मुसलमानों की हिफाज़त के क़दम नहीं उठाए जाते हैं तब तक भारत और पूरी दुनियां का एक एक मुसलमान फ्रांसीसी प्रोडक्ट का बायकाट करे। जमीअत की टीम ने भारत सरकार से मांग की है कि इन के प्रोडक्ट को उस वक़्त तक भारत में न आने दिया जाए जब तक वहाँ के हुक्मरानों द्वारा दुनिया भर के मुसलमानों से माफी न मांगी जाए।

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