दो बच्चों के मामूली विवाद में दो पक्षों में हुआ ख़ूनी संघर्ष, डेढ़ दर्जन से अधिक लोग घायल, घायलों में महिलाएं भी शामिल

अपराध, देश, राज्य

फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ, बहराइच (यूपी), NIT:

बहराइच जिले में अपराध व अपराधियों को रोकने में जिले के पुलिस कप्तान पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं। पिछले डेढ़ महीनों की अगर बात की जाये तो जिले में आपराधिक घटनाओं में तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है। ताज़ा मामला थाना दरगाह क्षेत्र के महाराज गांव का है जहां मंगलवार देर शाम को बच्चों के विवाद में दो पक्षों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ। घटना में दोनों पक्षों की ओर से जमकर ईंट पत्थर चले, यही नहीं इस घटना में एक कच्चे मड़हे के छप्पर व बाइक को आग के हवाले कर दिया गया। घटना में दोनों पक्षों की ओर से करीब डेढ़ दर्जन से अधिक लोग घायल हुए जिनमें महिलाएं व पुरुष दोनों शामिल हैं। घटना की जानकारी होते ही दरगाह पुलिस मौके पर पहुंच गई। शान्ति व्यवस्था कायम रखने के लिए घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। उधर दोनों पक्षों से घायल करीब डेढ़ दर्जन लोगों की डाॅक्टरी परीक्षण व उपचार के लिये अस्पताल भेजा गया। वहीं स्थानीय पुलिस का कहना है कि मामले में उचित वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। वहीं घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी नगर टीएन दूबे भी घटना स्थल पर पुलिस दलबल के साथ पहुंचे और मामले की पड़ताल शुरू कर दी।

प्राप्त सूचना के अनुसार थाना दरगाह क्षेत्र के गल्लामण्डी चौकी क्षेत्र अन्तर्गत महाराज गांव में कुछ दिन पूर्व बच्चों के मामले में दो पक्षों में विवाद हो गया था जिसके बाद दोनों पक्षों ने पुलिस की सहायता ली और मामले में गल्लामण्डी चौकी में दोनों पक्षों में समझौते के तहत विवाद को शान्त कर दिया गया लेकिन समझौते के बावजूद दोनों पक्षों में विवाद की चिंगारी धधकती रही जिसे शांत करने में जिले की विपिन कुमार मिश्रा पुलिस पूरी तरह नाकाम रही और मंगलवार को धधक रही चिंगारी ने भयावह आग का रूप धारण कर लिया। जिसका नतीजा यह हुआ कि दो पक्षों में खूनी संघर्ष शुरू हो गया और दोनों पक्षों की ओर से जमकर ईंट पत्थर चले। इस दौरान एक कच्चे मड़हे के छप्पर व एलएमएल फ्रीडम बाइक को आग के हवाले कर दिया गया। हालांकि दूसरे पक्ष का आरोप है कि प्रथम पक्ष द्वारा फ़र्ज़ी केस बनाने के लिये खुद ही छप्पर व पुरानी बाइक को आग के हवाले कर दिया गया है। उधर इस पूरे खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों की ओर से डेढ़ दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये हैं जिनका मेडिकल परीक्षण व उपचार करने के लिये पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया है। वहीं घटना की गम्भीरता को देखते हुए गांव में पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी। वहीं इस भीषण खूनी संघर्ष ने जिले की पुलिस के कानून व्यवस्था कायम रहने के दावों की पोल खोल दीहै। उधर अब पुलिस मामले में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही करने की बात कह रही है।

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