भारत-नेपाल सीमा पर बाल श्रम के विरूद्ध चला ‘नो चाईल्ड लेबर, अभियान, मुक्त कराये गये 64 बाल श्रमिक

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फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ, बहराइच (यूपी), NIT:

जनपद में बाल श्रम की दिनों दिन बढ़ती समस्या के विरूद्ध आज पुलिस अधीक्षक बहराइच विपिन कुमार मिश्र के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस, देहात संस्था, चाईल्ड लाईन-1098, श्रम विभाग, जिला प्रोबेशन विभाग एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त तत्वावधान में भारत नेपाल सीमावर्ती कस्बे रूपैडीहा में सघन रूप से बाल श्रम उन्मूलन अभियान का संचालन किया गया। जिसमें बाबागंज व रूपैडीहा कस्बे के सभी बाल श्रमिक संभावित प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर कुल 64 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया।
मुक्त कराये गये बाल श्रमिक 8 से 16 वर्ष आयु वर्ग के हैं।

बाल श्रम के विरूद्ध हुई इस औचक कार्यवाही से बाल श्रमिक नियोजकों में हड़कंप की स्थिति है। इसके पूर्व कई बार इन बाल श्रमिक नियोजकों को चेतावनी दी जा चुकी थी, किन्तु इसका कोई असर नहीं हुआ।
ज्ञातव्य हो कि इस पूरे अभियान की सूचना पूर्णतया गोपनीय रखी गयी थी।
मुक्त कराये गये बाल श्रमिकों को कोविड से बचाव हेतु तत्काल मास्क उपलब्ध कराए गए और सैनीटाईज कराया गया।

पुलिस अधीक्षक बहराइच विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि बाल श्रम के जरिए बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। जिन भी नियोजकों के यहां से बाल श्रमिक मुक्त कराए गए हैं उनके विरूद्ध बाल श्रम अधिनियम- 2016, बंधुआ मजदूरी अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम एवं अनैतिक देह व्यापार अधिनियम आदि कानूनों के अंतर्गत मुकदमें दर्ज किए जाएंगे।

इस अभियान हेतु पुलिस क्षेत्राधिकारी जंगबहादुर यादव एवं उप जिलाधिकारी- नानपारा सूरज पटेल के पर्यवेक्षण में कुल 5 टीमों का गठन किया गया था, जिसमें बाल श्रम कानून के अंतर्गत नामित एक एक निरीक्षक, उप निरीक्षक, 5-5 कांस्टेबल, संबंधित सरकारी विभागों, चाईल्ड लाईन एवं स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था।
गठित टीमों का नेतृत्व खंड विकास अधिकारी नवाबगंज, खंड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज, तहसीलदार मोतीपुर, नायब तहसीलदार मोतीपुर एवं सहायक विकास अधिकारी नवाबगंज कर रहे थे।
अभियान में शामिल देहात संस्था एवं चाईल्ड लाईन के निदेशक डाॅ जितेन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि मुक्त बाल श्रमिकों वैधानिक प्रक्रिया से बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर परिजनों के संरक्षण में दिया जा रहा है। इसके पश्चात प्रत्येक बच्चे के पुनर्वास की वृहद योजना बनाकर उन्हें पुनर्वासित किया जाएगा।

अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी रिजवान, चाईल्ड लाईन कोआर्डिनेटर देवयानी, देहात संस्था की स्वरक्षा परियोजना के समन्वयक हसन फिरोज, पुलिस मानव तस्करी रोधी इकाई के जिला प्रभारी इं० हेमंत कुमार गौड़, थाना प्रभारी रूपैडीहा प्रमोद कुमार सिंह, महिला उप निरीक्षक प्रियंका सिंह, महिला थाना प्रभारी मंजू पांडेय, सुशील कुमार, बाल संरक्षण अधिकारी शिवका मौर्या, चंद्रेश, चाईल्ड लाईन के रेखा वर्मा, अरूण, अवधेश, कीर्ती, अर्जुन, मनीष, पवन यादव, देवेश व निर्मला आदि शामिल रहे।

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