पर्युषण पर्व पर पशु वध व मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाने के लिए जैन समाज व आईजा ने सौंपा ज्ञापन

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रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

जैन समाज के आध्यात्मिक आलोचना के महापर्व पर्युषण आगामी 15 अगस्त से प्रारंभ हो रहा है जो 24 अगस्त तक चलेगा, इस दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय एवं एनीमल वेल्फेयर बोर्ड ऑफ इंडिया ने एडवाइजरी जारी करते हुए पूरे भारत में पशु वध एवं मांस विक्रय प्रतिबंधित किया है।
स्थानकवासी जैन समाज अध्यक्ष जितेंद घोड़ावत, मंत्री प्रदीप गादिया, मूर्तिपूजक जैन समाज के वरिष्ठ मार्गदर्शक यतीश छिपानी, उमेश आर पिचा, तेरापंथ महासभा अध्यक्ष अरविंद रुनवाल, ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के प्रदेशाध्यक्ष पवन नाहर, कमलेश कुवाड़, समकित तलेरा श्री ललित जैन, नवयुवक मंडल अध्य्क्ष कपिल पिचा, उपाध्यक्ष गौरव लोढ़ा ने तहसील कार्यालय पहुंच कर एसडीएम जे एस बघेल को ज्ञापन सौंपते हुए उक्त आदेशों की कॉपी संलग्न कर उसके परिपालन में नगर व आसपास के क्षेत्रों में पूर्णतया पशु वध एवं मांस विक्रय पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि अहिंसा के अवतार श्रमण भगवान महावीर स्वामी सभी जीवों के प्रति दया व करुणा भाव रखते थे एवं उनके द्वारा अहिंसा को परम धर्म बताया गया है, पर्युषण पर्व अहिंसात्मक आस्था रूप समस्त जीवों को अभयदान देने के लिये प्रसिद्ध है इसलिए इन पावन दिनों में किसी भी प्रकार की हिंसा के लिये कोई स्थान नहीं है, अतः श्रीमान इन पावन दिनों के लिये आदेश जारी करते हुए सम्पूर्ण भारत की तर्ज पर नगरीय सीमा में पशु वध एवं मांस विक्रय पर सख्त प्रतिबंध लगाएं।

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