पुलिस प्रशासन सर्तक होता तो ना होता औरैया ट्रोला हादसा

अपराध, देश, राज्य

अली अब्बास, मथुरा/लखनऊ (यूपी), NIT:

जिला प्रशासन सोता रहा और प्रवासी मजदूरों को एक ट्रोला जिसमें बोरियां भरी हुई थी रात्री में करीब 10 बजे थाना जिला मथुरा कोसीकलां क्षेत्र की कोटवन पुलिस चौकी जो हरीयाणा और यूपी बॉर्डर पर स्थित है से निकला, बॉर्डर पर किसी भी पुलिस अधिकारी ने चेक नहीं किया। उधर आगरा जिले में भी पुलिस चैक पोस्ट पर भी नहीं रोका गया और एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर हो जाता है। 
यह ट्रोला दिल्ली से लगभग 8 बजे चला जिसमें करीब 70 मजदूर सवार थे और कोटवन चौकी बॉर्डर पर रात्रि 10ः30 पर करीब पहुंचा होगा तो पुलिस द्वारा चेक क्यों नहीं किया गया? कोटवन बॉडर से औरैया पहुंचने में पांच घण्टे का समय लगता है। फरीदाबाद दिल्ली से आ रहे इस ट्राेला पर गोरखपुर, बिहार, झारखण्ड व पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिक अपने-अपने घर जाने के लिए सवार हुए थे। औरैया के नेशनल हाई-वे पर एक ढाबे के पास खड़ी डीसीएम से टकराने से ट्रक (ट्रॉला) अनियंत्रित होकर पलट गया।
औरैया जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के मिहोली गांव के निकट नेशनल हाइवे के किनारे खड़ा ट्रोला डीसीएम की टक्कर से पलटने से ट्रोला पर सवार 26 लोगों की मौत हो गयी। जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि 35 गंभीर घायलों को आयुर्विज्ञान संस्साथान सैफई इटावा उपचार के लिए भेजा गया है जबकि अन्य घायलों का उपचार जिला चिकित्सालय औरैया मे चल रहा है। 

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