ग्वालियर कलेक्टर एवं कैबिनेट मंत्री की हुई संयुक्त बैठक में शहर के विकास के मुद्दों को लेकर हुआ मंथन

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संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

डबरा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के तहत संचालित विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी की अध्यक्षता में रेस्ट हाउस डबरा में गुरूवार को सम्पन्न हुई। बैठक में जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष श्री मोहन सिंह राठौर, कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम वर्मा, डीएफओ श्री अभिनव पल्ल्व, एडीएम श्री टी एन सिंह, अनुविभागीय दण्डाधिकारी डबरा श्री आर के पाण्डेय, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता श्री कोरी सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस आदि विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
    महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने डबरा विधानसभा क्षेत्र में विभागवार संचालित विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण हों। उन्होंने लदेरा डैम का विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि इस डैम के पूर्ण हो जाने से क्षेत्र के लोगों को निस्तारी कार्य हेतु जहां पानी मिलेगा, वहीं इससे जल स्तर में भी वृद्धि होगी।
    श्रीमती इमरती देवी ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ग्वालियर स्टेट टाईम के जो भी तालाब एवं जल संरचनाएं बनी हुई हैं उन संरचनाओं पर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर उनके जीर्णोद्धार एवं मरम्मत का कार्य भी किया जाये। उन्होंने हरसी से पिछोर तक की नहर के मरम्मत कार्य के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी 21 मार्च को साबरमाता गांव में ग्रामीणों के साथ नहरों की मरम्मत एवं जल संरचनाओं के संबंध में बैठक आयोजित की जायेगी। उन्होंने कहा कि बेरू नहर के पास सकरी पुलिया होने के कारण दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। अत: चौड़ीकरण करने के भी निर्देश दिए।
    मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा डबरा विधानसभा क्षेत्र में 9 सेक्टर प्रशिक्षण केन्द्र शुरू किए जायेंगे। प्रत्येक केन्द्र की लागत 40 लाख होगी। उन्होंने कहा कि डबरा में बनने वाले दो केन्द्र संयुक्त रूप से बनाए जायेंगे। इसके लिए भूमि चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाए। उन्होंने डबरा सिविल हॉस्पिटल में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवायें मिलें और एक्सरे मशीन भी शुरू की जाए। उन्होंने नई एक्सरे मशीन के लिए रोगी कल्याण समिति से 5 लाख रूपए देने को कहा।
    महिला एवं बाल विकास मंत्री ने सिविल अस्पताल परिसर डबरा में दुकानों के निर्माण पर चर्चा करते हुए कहा कि इन दुकानों के निर्माण से जहां चिकित्सालय की आय में भी वृद्धि होगी, वहीं लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने नगर के माधवराव सिंधिया चौक के चौड़ीकरण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरवासियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हों और शहर आकर्षक और सुंदर दिखे, इसके लिए हमें सभी के सहयोग से कार्य करना है। 
    मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्र में आने वाले बच्चे देश का भविष्य हैं। हमें उनकी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देना होगा। इसके लिये वे उनके विधानसभा क्षेत्र में पंखे विहीन स्कूलों में पंखे उपलब्ध कराने के साथ ही इन भवनों की रंगाई-पुताई के साथ लघु मरम्मत कार्य 31 मार्च तक पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के निवास पर न हो, आंगनबाड़ी भवन न होने की स्थिति में स्कूल में रिक्त किसी भी एक कक्ष में आंगनबाड़ी का संचालन किया जाए। जिस पर आंगनबाड़ी केन्द्र का भी बोर्ड लगाया जाए। परिवहन एवं नेशनल हाईवे की समीक्षा करते हुए एनएचए के अधिकारियों ने बताया कि 31 मार्च तक डबरा का बाईपास फोरलेन शुरू हो जायेगा।
    बैठक में कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी ने कहा कि जिला अस्पताल मुरार एवं सिविल अस्पताल डबरा उनकी प्राथमिकता में है, उन्होंने कहा कि डबरा चिकित्सालय में एक सप्ताह के अंदर काफी बदलाव दिखाई देगा। इसके लिए उन्होंने अपर कलेक्टर श्री टी एन सिंह को सप्ताह में दो बार निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डबरा नगर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध करने हेतु माधवराव चौक से मंडी तक लोहे के गाडर लगाए जायेंगे, जिससे बड़े वाहन प्रवेश न कर सकें। कलेक्टर श्री चौधरी ने कहा कि सहायक परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण सड़कों की गुणवत्ता की जांच समिति द्वारा कराई जायेगी। कलेक्टर ने बताया कि 31 मार्च तक बाईपास शुरू हो जायेगा। जो शेष कार्य हैं वे 15 मार्च तक पूर्ण करने के एनएचआई के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डबरा में 100 बिस्तरों के चिकित्सालय की कार्रवाई की जा रही है।
    कलेक्टर श्री चौधरी ने बताया कि ग्रामीण अंचलों के विद्यालयों में आने वाले शिक्षकों के लिए  चार्टर बसें विभिन्न रूटों पर चलाने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में शिक्षक एवं आरटीओ से चर्चा कर बसें संचालन की कार्रवाई की जायेगी। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे स्कूल भवन जिनकी छतों से वर्षा ऋतु के दौरान पानी टपकता है उन भवनों की छतों की मरम्मत, खिड़की, दरवाजे विहीन भवनों में खिड़की, दरवाजे लगाने की कार्रवाई करें।
सिमिरिया ताल में शुरू होगा केन्द्रीय विद्यालय
    कलेक्टर ने बैठक में बताया कि सिमिरिया ताल में नया केन्द्रीय विद्यालय शुरू किया जायेगा। इसकी आवश्यक प्रक्रियायें 15 दिन के अंदर पूर्ण कर ली जायेंगीं। कलेक्टर ने कहा कि जिले के शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के लिए चरण पादुका अभियान भी शुरू किया जायेगा। ऐसे बच्चे जिनके पास स्कूल आने के लिए चप्पल-जूते नहीं हैं उन्हें चप्पल-जूतों की व्यवस्था की जायेगी। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों के लिए नेत्र परीक्षण कर चश्मे और दंत परीक्षण कर नकली दांत लगाने का भी अभियान शुरू किया जायेगा। बैठक में सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउण्ड मशीन के संचालन हेतु रेडियोलॉजिस्ट, नए एक्स-रे मशीन हेतु टैक्नीशियन, चिकित्सालय में साफ-सफाई कर्मियों की व्यवस्था रोगी कल्याण समिति से करने के निर्देश दिए।

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