मदरसा पैरा टीचर्स के संघर्ष व गहलोत सरकार को वादा याद दिलाने का असर सरकार पर साफ आया नजर

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अशफाक कायमखानी, जयपुर (राजस्थान), NIT:

राजस्थान सरकार द्वारा 20 फरवरी को विधानसभा में रखे गये राज्य बजट में मुस्लिम समुदाय के उत्थान के मुद्दों का प्रवधान नहीं करने के अलावा मदरसा पेरा टीचर्स के मानदेय में बढोतरी व उनके स्थाईकरण नहीं करने के प्रवधान के बाद मुस्लिम समुदाय में खासी नाराजगी व दो दिन से पेरा टीचर्स व उर्दू शिक्षक संगठन द्वारा कड़ा विरोध करने के बावजूद कांग्रेस के कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद के साथ विधायक जाहीदा व पूर्व मंत्री व विधायक आमीन खां को छोड़कर अन्य सभी मुस्लिम विधायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर मदरसा पैरा टीचर्स व मुस्लिम हित की अन्य मांगों को बजट के जवाब में शामिल करने को मिले।
राजस्थान कांग्रेस के सभी नौ मुस्लिम विधायकों ने बजट से पूर्व 13 फरवरी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक सामूहिक पत्र लिखकर उनके ही द्वारा 2013-14 के बजट में की गई घोषणाओं में से तीन मामूली सी बातों का उल्लेख करके उनको फिर से बजट में शामिल कर उनके प्रवधान रखने की अपील की थी। जिसको लेकर मुख्यमंत्री द्वारा 20 फरवरी को रखे गये राज्य बजट में उन तीनों के साथ साथ मुस्लिम उत्थान का किसी भी रुप में प्रवधान नहीं रखने से समुदाय व पेरा टीचर्स में काफी आक्रोश व्याप्त होने के कारण पिछले दो दिन से मदरसा पेरा टीचर्स व उर्दू शिक्षक संघ द्वारा शिक्षा संकूल व प्रदेश कांग्रेस कमेटी दफ्तर पर भारी व कड़ा विरोध करने पर आज मुस्लिम विधायक मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी चिंता से अवगत करवाया है।
राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनाने में मुस्लिम समुदाय का अहम रोल अदा करने एवं फिर अपनी मांगों को लेकर मदरसा पेरा टीचर्स व उर्दू शिक्षक संगठनों ने तब जोरदार आंदोलन चलाकर गहलोत सरकार को घूटने टेकने पर मजबूर किया जिसके उपरांत नवनिर्वाचित विधायक रफीक की मध्यस्थता से तत्कालीन समय में वार्ता करके उस आंदोलन को खत्म करवाने पर अच्छी उम्मीद पाले उक्त संगठनों को बजट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मुस्लिम उत्थान पर फोकस नहीं करने के बाद मजबूरन फिर से आंदोलन चलाने पर मजबूर होने पर सरकार इस ओर सोचने पर मजबूर हुई है।
राजस्थान मदरसा पेरा टीचर्स संघ के अध्यक्ष सैयद मसूद अख्तर व राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ के अध्यक्ष आमीन कायमखानी ने कहा कि उन्हें मजबूरन आंदोलन करना पड़ रहा है, वे सरकार को झूकाकर अपना जायज हक हर हाल में लेकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे तब तक संघर्ष जारी रखेंगे जब तक मुख्यमंत्री उन्हें उनका हक नहीं दे देते हैं।

कुल मिलाकर यह है कि राजस्थान के एक मात्र मुस्लिम मंत्री शाले मोहम्मद द्वारा कांग्रेस विधायकों को साथ लेकर मुस्लिम उत्थान के लिये बजट चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री द्वारा उनकी घोषणा करने की गुज़ारिश को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने को मदरसा पेरा टीचर्स व उर्दू शिक्षक संघ द्वारा जयपुर में शिक्षा संकूल पर प्रदर्शन करने के अलावा आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी का घेराव करने का दवाब ही माना जा रहा है।

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