प्रदेश के काजियों ने खटखटाया सरकार का द्वार, बोले एनपीआर-एनआरसी पर भी रुख साफ करे सरकार

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अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

प्रदेश के कई जिलों के दर्जन भर शहर काज़ी आज राजधानी भोपाल पहुँच कर सरकार के सामने एनपीआर, एनआरसी पर हालात स्पष्ट करने की मांग रखी। उन लोगों ने सीएए को प्रदेश में लागू नहीं किए जाने के सरकार के फैसले का स्वागत किया साथ ही मांग रखी कि सरकार को अब जल्द ही एनपीआर-एनआरसी पर भी रुख साफ करना चाहिए ताकि प्रदेश में बनी उहापोह की स्थिति से लोगों को निजात मिल सके।

मिली जानकारी के अनुसार आज प्रदेश के कई जिलों के दर्जन भर शहर काज़ी मप्र काजी कौंसिल के अध्यक्ष क़ाज़ी डॉ एमएम इशरत अली की अगुवाई में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से मुलाकात कर प्रदेश में एनपीआर और एनआरसी पर सरकार की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। काजी कौंसिल ने सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि जिस तरह सरकार ने कैबिनेट में फैसला लेकर प्रदेश में सीएए लागू नहीं करने का ऐलान किया है उसी तरह अब एनपीआर और एनआरसी के लिए भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून संशोधन को लेकर देश सहित प्रदेश में ऊहापोह के हालात बने हुए हैं। लोग अलग-अलग हिस्सों में बंटते हुऐ नजर आ रहे हैं, लोगों में आपसी भाईचारे और सौहाद्र के रिश्ते बिगड़ते जा रहे हैं, असमंजस के हालात में कारोबार की स्थिति भी बिगड़ी हुई है ऐसे में प्रदेश की कांग्रेस सरकार को इस संशोधन को लागू करने से अलग रहकर प्रदेश की अवाम को सुकून की जिंदगी जीने के हालात बनाना चाहिए। काजी कौंसिल ने मांग की है कि प्रदेश में जनगणना इसके निर्धारित समय वर्ष 2021 में ही कराई जाए। इस मौके पर काजी डॉ एसएम इशरत अली के अलावा काजी खलिकुर्रहमान उज्जैन, काजी वसीअ उद्दीन आगर मालवा, काजी अबूल कलाम देवास, काजी शफी उल्लाह तराना, काजी सलाम उद्दीन सागर, काजी खालिद फारुखी दोराहा आदि मौजूद थे।

काजी कौंसिल के सदस्यों ने दिग्विजय सिंह से मुलाकात करने के बाद इक़बाल मैदान सत्याग्रह पहुंच कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। सत्याग्रह की टीम ने उन्हें सत्याग्रह की अब तक की गतिविधियों की जानकारी दी। काजी इशरत अली ने सत्याग्रह टीम को यकीन दिलाया कि उनके संघर्ष में मालवा-निमाड़ समेत पूरे प्रदेश की अवाम साथ है। उन्होंने कहा कि केंद्र की दमनकारी नीतियों के खिलाफ हमारी खामोश लड़ाई उस वक़्त तक जारी रहेगी जब तक काले कानून को वापस नहीं ले लिया जाता। इस मौके पर कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट मुजीब कुरैशी, जिला अध्यक्ष वक्फ बोर्ड देवास शाहिद मोदी भी साथ थे। कुरैशी ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार केंद्र के किसी ऐसे कानून को मानने के लिए बाध्य नहीं है जिससे देश और प्रदेश में नफरत की हवा तेज हो। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे किसी फैसले को मप्र में लागू नहीं किया जाएगा।

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