होटल शीतल के बाद होटल सुप्रीम से भी बेरंग लौटा प्रशासन

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रहीम शेरानी, रतलाम (मप्र), NIT:

रतलाम जावरा फोरलेन पर संचालित होने वाले तस्कारी के ढाबों पर कार्रवाई के दौरान होटल शीतल पर कार्रवाई से प्रशासन चुक गया था और मामला न्यायालय में चला गया, इसी बीच सोमवार को पुन: प्रशासन बड़ी कार्रवाई की मंशा से फोरलेन स्थित रुप नगर फंटे पर बनी होटल सुप्रीम पर बगैर अनुमति के निर्माण होने की शिकायत और पंचायत से मिली सूचना के बाद शाम को कार्रवाई के लिए पहुंचा था लेकिन आधी अधूरी तैयारी के साथ पहुंचे प्रशासनिक अमले को एक बार फिर से बेरंग लौटना पड़ा। मंगलवार की शाम करीब 6 बजे नायब तहसीलदार बंसतीलाल डाबी दल बल के साथ रुपनगर फंटे पर स्थित होटल सुप्रीम पर कार्रवाई करने के लिए पहुंचे थे।
नायब तहसीलदार डाबी ने बताया कि पंचायत की ओर से प्रशासन को यह जानकारी मिली कि उक्त होटल सुप्रीम बगैर अनुमति के बनी है, जिस पर अमले के साथ निरीक्षण करने पहुंचे थे लेकिन पंचायत द्वारा जो कार्रवाई की जाना थी, वह पूरी तरह से नहीं की गई है, जिसके बाद मंगलवार को पंचायत सचिव तथा संचालक को निर्माण संबंधी दस्तावेज लेकर एसडीएम के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। फिल्हाल कार्रवाई विचाराधीन है, मामले में जो भी कार्रवाई करना है वह पंचायत को करना है। अब दस्तावेजों की जांच के बाद एसडीएम के आदेश पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
इधर होटल शीतल के मामले में भी आज सुनवाई होना है।

हाथी खाना रहवासियों ने मांगा समय

हाथीखाना क्षैत्र में स्थित नजूल की जमीन की खरीदी बिक्री के मामले में तहसीलदार द्वारा 21 लोगों को जारी किए गए नोटिस का जवाब सोमवार को देना था लेकिन सोमवार को 21 नोटिस धारियों में से 19 लोगों की ओर से उनके वकील उबेद अंसारी ने आवेदन लगाते हुए 15 दिन का समय मांगा था, जबकि 2 नोटिस धारी नागदा और खाचरौद के होने से उनकी ओर से कोई आवेदन नहीं आया है। जिस पर तहसीलदार नित्यानंद पाण्डेय ने उन्हें तीन दिन का समय दस्तावेज पेश करने के लिए दिया है। तहसीलदार पाण्डेय ने बताया कि यदि वे नकल के लिए आवेदन देते हैं तो उन्हें तत्काल नकल दे दी जाएगी, लेकिन सोमवार की शाम तक किसी ने भी नकल के लिए आवेदन नहीं दिया है। यदि संबंधित तय समय सीमा में भूमि के स्वामित्व सबंधी दस्तावेज पेश नहीं कर सके तो सभी रजिस्ट्रियां स्वत: ही शुन्य घोषित हो जाएंगी और सभी निमार्ण पर प्रशासन बुलडोजर चलाएगा।

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