मैरिज गार्डन संचालक न्यायलय के निर्देशों का पूर्ण रूप से करें पालन: कलेक्टर अनुराग चौधरी

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संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

ग्वालियर कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी ने मैरिज गार्डन संचालकों के एक बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैरिज गार्डन के संबंध में उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्रों (डीजे) का उपयोग रात्रि 10 बजे के बाद न करें। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग न करने के संबंध में गार्डन संचालक बुकिंग कराने वालों से लिखित में सहमति भी लें। आदेशों का उल्लंघन करते पाये जाने पर संबंधित मैरिज गार्डन के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।

कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में बुधवार को मैरिज गार्डन संचालकों की बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत भसीन, नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकरी श्री शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर श्री अनूप कुमार सिंह, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्री किशोर कान्याल, अपर कलेक्टर श्री टीएन सिंह, रिंकेश वैश सहित अनुविभागीय दंडाधिकारी तथा मैरिज गार्डनों के संचालकगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने मैरिज गार्डन संचालकों को निर्देश देते हुए कहा कि मैरिज गार्डन निर्धारित मापदंडों के अनुरूप दस हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में हो, जिसमें 40 प्रतिशत हिस्सा पार्किंग के लिए होना आवश्यक है। मैरिज गार्डन संचालकों को राजस्व विभाग का डायवर्सन शुल्क, नगर निगम का संपत्ति एवं अन्य कर जमा करने के साथ दुर्घटनाओं को रोकने हेतु अग्निशमक यंत्रों, सीसीटीवी कैमरे आदि की व्यवस्था होना भी आवश्यक है। कलेक्टर ने इस दौरान नगर निवेश विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि साडा क्षेत्र में मैरिज गार्डन विकसित करें।

पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत भसीन ने मैरिज गार्डन संचालकों से कहा कि वे भी नगर के नागरिक होने के नाते अपनी जिम्मेदारी समझें और नियमों का पूर्ण रूप से पालन करें। ऐसे व्यवस्थाएं करें कि नागरिकों को परेशानी ना हो। नियमों का पालन ना करने पर संबंधित मैरिज गार्डन संचालक के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत एवं छात्रों की वार्षिक परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए शादी समारोह में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (डीजे) का उपयोग निर्धारित डेसीमल पर रात्रि 10 बजे तक ही किया जाए। इसके बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग करते पाए जाने पर संबंधित मैरिज गार्डन संचालक एवं विवाह व समारोह आयोजनकर्ताओं के विरूद्ध भी कार्यवाही की जाएगी।

नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन ने बताया कि प्रत्येक मैरिज गार्डन संचालक को मैरिज गार्डन का पंजीयन कराने के साथ-साथ 10 हजार रूपए का ट्रेड लाईसेंस लेना होगा। इसके साथ ही संपत्ति एवं अन्य कर भी जमा करने होंगे। उन्होंने बताया कि मैरिज गार्डन को ईको कम्पनी से संपर्क कर यूजर चार्ज जमा कर शादी समारोह पश्चात बचे कचरे को हटाने का कार्य करा सकते हैं। श्री माकिन ने बताया 9 जनवरी को प्रात: 11 बजे से बाल भवन ग्वालियर मे शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर में मैरिज गार्डन संचालक ट्रेड लाईसेंस फीस, बकाया डायवर्सन फीस, संपत्ति कर आदि राशि जमा कर सकेंगे।

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