भ्रष्टाचार के मामले में ग्राम पंचायत को कारण बताओं नोटिस जारी, तीन दिन में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक पर गिर सकती हैं गाज

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परसराम साहू, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

हमेशा सुर्खियों में रहने वाली ग्राम पंचायत चिरचिटा सुखजू एक फिर सुर्खियों में हैं। लगातार भ्रष्टाचार की खबरें प्रकाशित होने के अब ये मामले अधिकारियों के सामने भी आने लगा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चिरचिटा सुखजू का निरीक्षण मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमारी पूजा जैन ने मंगलवार को किया जहां पर उन्हें जनसुनवाई के दिन भी पंचायत बंद मिली। उन्होंने ग्रामीणों से भी बात की तो ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत कभी कभार ही खुलती है और महीने के अधीकतर दिन बंद ही रहती है। ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान न रखा जाना तथा विभिन्न कार्यों की कार्य की राशि आहरण कर लिया जाना जो जमीन पर भी नहीं दिख रहे हैं की जानकारी दी।

उन्होंने इस संबंध मे ग्राम पंचायत चिरचिटा सूखजू के सचिव बलवंत सिंह एवं रोजगार सहायक अशोक गौड़ को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में बताया गया है कि पंचायत के सचिव के द्वारा सरकारी कार्यों में घोर लापरवाही एवं निर्माण कार्यों में लापरवाही, गुणवत्ता पूर्ण पंचायत में काम न होना, अपूर्ण कामों को पूर्ण बताकर राशि का आहरण करना एवं सरकारी राशि का दुरूपयोग करना एवं प्रत्येक दिवस पंचायत में उपस्थित न होना सहित विभिन्न कारण बताए गए हैं। वहीं तीन दिवस के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है और समय सीमा में स्पष्टीकरण न देने एवं कोई भी जवाब न देने पर एक पक्षीय कार्यवाही की बात कही गई है। वहीं हम आपको बता दें कि संतोषजनक जवाब न देने पर पंचायत के सचिव सहित रोजगार सहायक पर गांज गिर सकती है।

पूर्व में मीडिया ने खबरें की थीं प्रकाशित
ग्राम पंचायत चिरचिटा सुखजू मे भ्रष्टाचार से संबंधित खबरें पूर्व में प्रकाशित की जा चुकी हैं। पंचायत में सीसी रोड गुणवत्ता युक्त नहीं बनाना, शौचालयों का धराशायी हो जाना एवं विभिन्न योजनाओं का लाभ ग्रामीणों का न मिलना संबंधी खबरें मीडिया द्वारा प्रकाशित की जाती रही हैं। वहीं पिछले दिनों पंचायत में करीब 13 लाख रुपए की पुलिया का निर्माण कार्य हो रहा था जिसमें भ्रष्टाचार को मुख्य पौमाने पर रखा गया था। विश्वसनीय सूत्रों से उसकी राशि की आहरण की खबरें भी सामने आई थीं उसकी जांच भी अधर में लटकी है जिसमें ग्राम पंचायत के सचिव, रोजगार सहायक सहित सरपंच का शामिल होना बताया गया है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार इस पर क्या कार्यवाही करते हैं।

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