खबर का असर: नकली खाद बनाने वाले कारखाने फिर किए गए सील, लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी हेकड़ी दिखाते हुए चला रहे थे कारखाने

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रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिले के मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में वर्षों से नकली खाद बनाने वालों पर मध्य प्रदेश सरकार ने सैंपल लेकर जांच की थी, जांच के बाद सेपल फेल होने के कारण फरमान जारी कर कार्रवाई की थी लेकीन कुछ दिन कारखानों को बंद रखने के बाद सरकारी आदेश को कचरे के डब्बे में डाल कानून कायदे ताक में रखकर औद्योगिक क्षेत्र में नकली खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों के लाइसेंस निरस्त हो जाने के बाद भी नकली खाद बनाने वालों का गोरख धंधा काला कारोबार फिर चलने लगा था।
जागरुक पत्रकारों और जागरुक किसानों की शिकायत पर पूर्व में जांच की गई थी। मामला सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री सचिन यादव के आदेश के बाद कार्रवाई कर सभी कंपनियों को निर्माण रोकने का सरकारी फरमान जारी हो जाने के बाद फैक्ट्रियों के लाइसेंस निरस्त किए गए थे लेकिन नकली खाद बनाने का कारोबार लगातार जारी था। सोमवार को फिर अधिकारियों की टीम ने नकली खाद बनाने वाले कारखानों को सील किया है।

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