पत्रकार महाकुंभ में 16 संगठन हुए एकजुट, बना संयुक्त पत्रकार महासंघ

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पीयूष मिश्रा, सिवनी (मप्र), NIT; ​श्रमजीवी पत्रकार परिषद मध्य प्रदेश के आव्हान पर भोपाल मे पत्रकार महारैली महाकुंभ में तब्दील हो गई। यही नहीं रविंद्र भवन भोपाल में सम्मेलन के दौरान प्रदेश भर के 16 संगठन एकजुट हो गए और पत्रकारों के हित के लिए संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ का गठन कर लिया गया।

भोपाल में 15 जनवरी को प्रदेश के 16 संगठनों सहित हजारों की संख्या में पत्रकार एकत्रित हुए और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हुंकार भरी जिसमें संपूर्ण मध्य प्रदेश सहित सिवनी जिले के समस्त विकासखंड से भोपाल पहुंच कर पत्रकारों ने अपने हितों की आवाज बुलंद की। आवाज इतनी बुलंद थी कि प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों की उचित मांगों के निराकरण को लेकर 1 सप्ताह में संगठन और जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकर निराकरण का आश्वासन दिया।

रैली, धरना, रोड पर बैठकर किया भोजन और सौंपा ज्ञापन

भोपाल के रविंद्र भवन में प्रदेश भर से हजारों पत्रकारों ने सम्मेलन के उपरांत महा रैली निकाली और अपनी मांगों को लेकर गगन भेदी नारेबाजी करते हुए जनसंपर्क मुख्यालय के सामने धरने पर बैठ गए और रोड पर ही भोजन किया। इसी दौरान प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने संगठन के पदाधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर 1 सप्ताह के अंदर जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों एवं पदाधिकारियों के साथ बैठकर उचित मांगों के निराकरण की बात कही तब सभी पत्रकारों ने अपनी जायज़ मांगों का ज्ञापन जनसंपर्क विभाग के अधिकारी को सौंपा।​ज्ञात हो कि प्रदेश भर से उपस्थित पत्रकारों के महाकुंभ में एकत्र हुए हजारों पत्रकारों की इस महारैली ने पत्रकारों के संगठन संचालित कर रहे उन नेताओं की भी पोल खोल दी जो बड़ी बड़ी बातें तो करते हैं पर भोपाल में शक्ति प्रर्दशन करने की बात पर किनारा काट गए आखिर किनारा कयों न काटते, जब उनके संगठनों में पत्रकार सदस्य ही नहीं है।

आखिरकार 16 पत्रकार संगठनों का बन ही गया फ़ेडरेशन

महारैली को विफल करने में लगी ताकतों को आखिरकार मुंह की खानी पड़ी। पत्रकार महारैली को जबरदस्त सफलता मिली और प्रदेश भर के सक्रिय पत्रकार संगठनों ने संयुक्त पत्रकार महासंघ बना दिया। अब इसी बैनर से पत्रकारों के हितों की सामूहिक लडाई लड़ी जायेगी।

ऐसे गठित हुआ संयुक्त पत्रकार महासंघ

इस गठन में श्रमजीवी पत्रकार परिषद, मध्यप्रदेश ने प्रमुख भूमिका निभाई। चूंकि परिषद का प्रमुख उद्देश्य शुरू से ही पत्रकार कल्याण का रहा है, परिषद ऐसे गठन का लंबे वक्त से इंतजार कर रहा था कि सब इकट्ठे हो और एक संयुक्त पत्रकार महासंघ का गठन किया जाये।

संयोजक नलिन कांत वाजपेयी के प्रस्ताव पर लगी पत्रकार संगठनों की मुहर

पत्रकारों की भारी भीड़भाड़ के बीच हो रहे पत्रकार सम्मेलन में संयोजक नलिन कांत वाजपेयी ने संयुक्त पत्रकार महासंघ का प्रस्ताव रख दिया। संयोजक श्री वाजपेयी ने अपने भाषण के दौरान इस प्रस्ताव को रखते हुए कहा कि आज इस महासम्मेलन में संयुक्त पत्रकार महासंघ के गठन का प्रस्ताव रखते हैं, साथ ही इस महासंघ के अध्यक्ष हेतु वरिष्ठ पत्रकार अवधेश भार्गव जी का नाम प्रस्तावित करते हुए भार्गव जी को महासंघ की कार्यकारणी गठित करने हेतु अधिकृत किया जाए। श्री वाजपेयी जी के इस प्रस्ताव का बिना समय गंवाए प्रदेश अध्यक्ष परमानन्द तिवारी ने मंच से सर्मथन दे दिया। सम्मेलन में संयुक्त पत्रकार महासंघ के गठन के प्रस्ताव को एकमतेन स्वीकृति मिल गई। इस सम्मेलन की सबसे बडी उपलब्धि 16 संगठनों के एकजुटता को मानी जा रही हैं जिसे संयुक्त पत्रकार महासंघ का नाम दिया गया है।

इस गठन से पत्रकारों के हितों की लडाई में तेज की आएगी औंर ऐसा मानना है कि अब पत्रकारों की मांगें बहुत ही जल्द पूरी होंगी।

भोपाल में आयोजित पत्रकारो के महाकुंभ में सिवनी जिले के आठों विकास खंड के पत्रकार उपस्थित रहे,  जिसमें श्रमजीवी पत्रकार परिषद मध्य प्रदेश ब्लॉक इकाई छपारा के अध्यक्ष अश्वनी बबला मिश्रा ने राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के विभिन्न न्यूज़ चैनल को ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों की समस्याओं से अवगत कराते हुए इन चैनलों को इंटरव्यू भी दिया। इस महारैली में लखनादौन से आशीष श्रीवास्तव, धूमा से सुनील सुनील शिवहरे, घनसौर से सुभाष बकोड़े, धनोरा से विनोद सोनी, केवलारी से नीलेश अवधिया, सिवनी मुख्यालय से सूर्यप्रकाश विश्कर्मा, प्रशांत शुक्ला के नेतृत्व में लगभग 120 पत्रकार भोपाल में आयोजित महा रैली में शामिल हुए।

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  • संयुक्त पत्रकार महासंघ का कार्यालय लखनऊ उत्तर प्रदेश में कहां है पता व पदाधिकारियों के नाम मोबाइल नंबर

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